Monday, May 10, 2010

ब्लॉग समाचार ......पोस्ट माला



यह एक छोटी सी कोशिश है ब्लोगवाणी में पसंद के हिसाब से आये हुए प्रविष्टियों की बात करने की...हालांकि मैं स्वयं इस तरीके के पक्ष में नहीं हूँ, परन्तु ये मेरी पहली कोशिश थी इसलिए इस रास्ते को इख्तियार किया है....अगली बार से चुनिन्दा पोस्ट्स की ही बात करुँगी साथ ही ज्वलंत मुद्दों को भी उठाने कि कोशिश करुँगी....फिलहाल आज इस  कोशिश में कुछ पोस्ट्स के बारे में बात की है ...बहुत जल्दी में ....

अजय झा जी आपसे माफ़ी चाहती हूँ देखा ही नहीं कि आपने भी ऐसा कुछ सोचा है..में तो बस बैठ गई रिकॉर्ड करने..जब आपकी पोस्ट पर आई तो नज़र आया..कि आपने भी ऐसी ही कोई बात कही है शायद...
ख़ैर..मेरी छोटी सी कोशिश है..आज कल हर रविवार रेडियो प्रोग्राम करती हूँ शायद इसलिए नहीं रुक पाई...एकदम से ये बात आ गई जहन में...
आप सबसे अनुरोध है सुनिए और बताइए कैसी लगी...(शुरू में दो जगहों पर gap है कृपा करके उसे नज़रअंदाज़ कर दीजियेगा...)

43 comments:

  1. अच्छा आइडिया है , पर कोशिश रहे कि यह रचनात्मक
    स्वरूप ले ! सकारात्मक स्वरुप ले !

    ReplyDelete
  2. अरे वाह!
    यह आइडिया तो बहुत बढ़िया रहा!
    आपका स्वर सुनकर तो तबस्सुम और अमीन सयानी की याद आ गई!
    बहुत-बहुत बधाई!

    ReplyDelete
  3. बहुत बढिया-अच्छा आईडिया
    बहुत पसंद आया।

    आभार

    ReplyDelete
  4. व्हाट एन आईडिया, मैडम जी।

    आभार।

    ReplyDelete
  5. ये बेहतरीन तरीका रहा, इसे जारी रखा जाये.

    ReplyDelete
  6. अच्छी आवाज में ब्लॉग समाचार सुनना किसे अच्छा न लगेगा। जारी रखियेगा। बधाई

    ReplyDelete
  7. बहुत बढ़िया प्रयास .....इसे निरंतर बनाये रखिये ..

    ReplyDelete
  8. बहुत बढ़िया आवाज़ । बहुत बढ़िया अंदाज़। बहुत बढ़िया प्रस्तुतिकरण ।
    लेकिन अदा जी ३८ मिनट्स कहाँ से लायें ।

    ReplyDelete
  9. बहुत ही उम्दा प्रस्तुती / उम्दा इसलिए की 39 मिनट के इस प्रस्तुती में कहीं भी बोरियत महसूस नहीं हुई / आपका प्रयास ब्लॉग और ब्लोगिंग को सार्थकता की और ले जाने वाला साथ ही इसे प्रभावी आयाम देने वाला है / इसके लिए आपको हार्दिक धन्यवाद /

    ReplyDelete
  10. waah mam pehli baar aapki awaaz sun raha hun...aapka fan ho gaya...

    ReplyDelete
  11. बहुत बढ़िया आवाज़ । बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  12. आपकी इस प्रस्तुति ने तो अमीन सयानी और बिनाका गीतमाला की याद दिला दी।

    ReplyDelete
  13. बहुत खूब , बहुत ही उम्दा प्रयास है इसे जारी रखें ।

    ReplyDelete
  14. बाअदब, बामुलाहिजा, होशियार...

    मल्लिका-ए-ब्लॉग अदा-ए-तरन्नुम लेडी अमीन सयानी जलवा-ए-अफ़रोज़ हो चुकी हैं...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  15. abhi sun nahi payee hoon ...vaise prayaas achha hai ...

    ReplyDelete
  16. बहुत बढ़िया प्रयास .....

    ReplyDelete
  17. बहुत बढ़िया प्रयास....आवाज़ और कहने का अंदाज़ लाजवाब....शुभकामनायें

    ReplyDelete
  18. बहुत नवीन आईडिया है जी. आज शाम को समय मिलते ही इसे सुनने की प्रबल उत्कंठा है. बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम.

    ReplyDelete
  19. आईडिया बढ़िया रहा
    पहल हेतु बधाई

    पूरा तो नहीं सुन पाया किन्तु प्रस्तुतिकरण शानदार है

    ReplyDelete
  20. बेहतरीन
    सुन्दर आवाज में उम्दा प्रस्तुति
    बहुत दिन बाद रेडियो सुनने जैसा मजा आया।

    प्रणाम स्वीकार करें

    ReplyDelete
  21. व्हाट एन आईडिया, मैडम जी।

    आभार।

    ReplyDelete
  22. bahut badhiya lagi post mala.. aapki madhur aavaz mai sunkar aanand aa gaya.. bahut bahut badhaayee ho..

    ReplyDelete
  23. बेहतरीन तरीका रहा,

    ReplyDelete
  24. वाह ! बहुत पसंद आया...यह एक नया तरीका है ब्लोगिंग का

    ReplyDelete
  25. उम्दा प्रयास ............सार्थक पहल के लिए बहुत धन्यवाद....

    ReplyDelete
  26. उम्दा प्रयास...

    ReplyDelete
  27. अदा जी
    आपकी आवाज में भी आपके नाम की तरह एक अदा है। नई शुरूआत अच्छी लगी ........

    ReplyDelete
  28. वाह वाह ये भी खूब रही ..हा हा हा . बहुत ही खूबसूरत संयोग रहा ये हां नहीं तो ....बहुत खूब जी । बहुत ही बढिया ...ब्लोग जगत को अपनी पहली उद्घघोषिका मिलने पर बधाई हो ।

    अदा जी आपकी आवाज के तो सब दीवाने हैं ही , आप मंजी हुई उद्घघोषिका हैं ये भी साबित हो गया है । अब कुछ सलाह । पहली बात तो ये कि इस कार्यक्रम को समय के बंधन में बांधिए ..मेरे ख्याल से दस मिनट या पंद्रह । और इसे ध्यान में रखते हुए ही समाचार तैयार हो । दूसरी बात ये कि सिर्फ़ पोस्ट में लिखी गई बातों की चर्चा हो , टिप्पणी भी दिलचस्प हो तो ठीक है , पसंद नापसंद और पाठकों की संख्या कोई मायने नहीं रखती ।आगे इंतजार रहेगा

    ReplyDelete
  29. बहुत बढिया.......अदा जी....पूरा नही सुन पाई....पर आपकी आवाज....बहुत मीठी....... बहुत सीखने के लिए मिलता है आपसे धन्यवाद...

    ReplyDelete
  30. सुबह आपकी आवाज सुन ली थी। इसके पहले जब एक बार मैं अपने कुछ मित्रों के साथ भिलाई गया था तब आपका गाना भी सुना था। ईश्वर ने आपको उम्दा आवाज दी है। आपने मेरी पोस्ट का जिक्र किया उसके लिए आपको धन्यवाद।

    ReplyDelete
  31. वाह बहुत खूब
    इस समाचार वार्ता के लिये आभार

    ReplyDelete
  32. यानी आप अब मिसफ़िट पे शायद न आयें
    हा हा हा
    सोम्वार मेरा चलेगा

    ReplyDelete
  33. :) इसे कहते है प्रयोग... अच्छा प्रयोग है.. और आपकी आवाज काफ़ी दिन बाद सुनी.. दी, थोडा डेडली कोम्बो हो गया :)

    ReplyDelete
  34. PD ne kaha hai....

    दीदी. आपकी आवाज बहुत अच्छी है.. बोलने का तरीका भी शानदार है.. मैंने १०-१२ मिनट तक सुना.. अगर मैं अपनी बात कहूँ तो सुनने से अधिक पढ़ना पसंद करूँगा.. पढ़ने में सुनने से कम समय लगता है, सिर्फ यही एक कारण है. :)

    ReplyDelete
  35. अदा जी
    रेडियो प्रोग्राम की यह निराली अदा
    तो कानों को भा गई
    मानस को सहला गई
    सच कहूं
    ब्‍लॉग समाचार ... पोस्‍ट माला का
    दीवाना बना गई
    अगला कार्यक्रम कब पेश हो रहा है
    इतनी देरी ...
    यदि यह कार्यक्रम
    प्रति चार घंटे के अंतराल पर प्रसारित होता रहे तो आंखों को राहत मिले।

    ReplyDelete
  36. सबसे पहले तो शुक्रिया की आपने ये पहल की ......आपकी आवाज में तो जादू है ..हमें विविध भारती के उदघोषक याद आगये ...और हां अगर आप इसकी समय सीमा तय करे तो ..कम से कम अवधि ३० मिनट की अवश्य रखे ..और अधिक ध्यान रचना पर दिया जाए ,,,,टिपण्णी अगर दिलचस्प हो तो उसे भी अवश्य शामिल करे ......और आप यह भी बताएं की किस समय के बीच के रचनाए शामिल की जायेंगी .....जैसे रात आठ बजे से अगले दिन रात के आठ बजे तक ......वैसे आपको मशवरा देना आपकी शान में गुस्ताखी है ..पर इसे सलाह ना समझकर ...विनती समझे तो मुझे भी ख़ुशी होगी ....समय अवधि कम से कम तीस मिनट ही रखे ....और एक बात फिर से आवाज आपकी ही हो ..किसी कवि भाई को शामिल ना करे ...{ ये भी विनती ही है }

    ReplyDelete
  37. हमेशा कुछ नया करते रहने की आपकी आदत है दी ये तो पता है लेकिन ये भी सच है की आप जो भी नया करती हैं वो अनूठा भी होता है और कीर्तिमान भी बनाता है.... बहुत खुश हूँ अपनी दी का ये नया अंदाज़ देख.. :)

    ReplyDelete
  38. आज हिंदी ब्लागिंग का काला दिन है। ज्ञानदत्त पांडे ने आज एक एक पोस्ट लगाई है जिसमे उन्होने राजा भोज और गंगू तेली की तुलना की है यानि लोगों को लडवाओ और नाम कमाओ.

    लगता है ज्ञानदत्त पांडे स्वयम चुक गये हैं इस तरह की ओछी और आपसी वैमनस्य बढाने वाली पोस्ट लगाते हैं. इस चार की पोस्ट की क्या तुक है? क्या खुद का जनाधार खोता जानकर यह प्रसिद्ध होने की कोशीश नही है?

    सभी जानते हैं कि ज्ञानदत्त पांडे के खुद के पास लिखने को कभी कुछ नही रहा. कभी गंगा जी की फ़ोटो तो कभी कुत्ते के पिल्लों की फ़ोटूये लगा कर ब्लागरी करते रहे. अब जब वो भी खत्म होगये तो इन हरकतों पर उतर आये.

    आप स्वयं फ़ैसला करें. आपसे निवेदन है कि ब्लाग जगत मे ऐसी कुत्सित कोशीशो का पुरजोर विरोध करें.

    जानदत्त पांडे की यह ओछी हरकत है. मैं इसका विरोध करता हूं आप भी करें.

    ReplyDelete