Tuesday, September 8, 2015

देश का विकास......


बी जे पी अगर सचमुच देश का विकास चाहती है, और देश को दुनिया के अन्य देशों से आगे ले जाना चाहती है, तो पी एम मोदी को देश-देश घूम कर विदेशियों को भारत में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कन्विंस करने की आवश्यकता नहीं है.… भारत खुद ही इतना सक्षम और समृद्ध है कि वो खुद ही देश की हर समस्या का समाधान अपने दम पर कर सकता है, ज़रुरत है सही विज़न और कड़े अनुशासन की ताकि उपलब्ध राशि का सदुपयोग किया जाए .…।

भारत के चार मुख्य मन्दिरों में ही लगभग पचास लाख करोड़ की दान राशि है, बड़े-बड़े मस्जिदों और गुरुद्वारों में भी अकूत दान राशि है.… इन सभी राशियों को विकास कार्य में शामिल किया जाए..... इतनी बड़ी-बड़ी राशियाँ और लाखों टन सोना सिर्फ़ बैंको या कमरों में बंद रहें, ये उचित नहीं। मूल राशि को सरकार अगर ना भी छुए तो इंटरेस्ट की राशि भी बहुत होगी, भारत के विकास के लिए। सरकार 'गुप्त दान' का प्रावधान देकर 'काले धन' पर कुछ हद तक अंकुश भी लगा सकती है। …बी जे पी अगर चाहे तो ये काम करने और करवाने में सक्षम हो सकती है .....

सरकार और आर एस एस, विश्व हिन्दू परिषद, अकाली तख़्त और मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं के बीच इस बात पर विमर्श होना चाहिए। आख़िर ये जनता का ही पैसा है और जनता के लिए ही ख़र्च होना चाहिए।

Saturday, May 16, 2015

देवदास के मैं तुम में निशाँ ढूँढ रही हूँ

जाने क्या यहाँ-वहाँ ढूँढ रही हूँ 
शायद इक छोटा जहाँ ढूँढ रही हूँ 

ग़ुम हो आतिशे-नफ़रत में कहीं तुम 
आवाज़ दो मैं जाने-जहाँ ढूँढ रही हूँ 

हो गई अनबन मेरे घर में सुनो जी 
मैं प्यार का वो मेरा मकाँ ढूँढ रही हूँ 

न तो हूँ मैं पारो, न चंद्रमुखी हूँ मैं  
देवदास के मैं तुम में निशाँ ढूँढ रही हूँ 

दरकते हुए रिश्तों की झीरियों में मैं   
दीमक बने शक़-ओ-शुब्हा ढूँढ रही हूँ 

आतिशे-नफ़रत = नफ़रत की आग

मगर ये भी तेरी शराफ़त का सिला है....

कोई ख़्वाहिश नहीं न कोई ग़िला है
चल पड़े अकेले ही न संगी मिला है

रात गुज़र गई और सुब्ह शबनमी है
दिन निकल आया आसमां खुला है

अबके हम खुल कर ख़ुद से मिल आये 
सामने ख़ुशियों का बड़ा क़ाफ़िला है

अब कैसी शिक़ायत क्यूँ करें दरियाफ़्त 
हमें सब मंजूर जो मुक़द्दर का फ़ैसला है

कुछ तो है मेरा फ़ित्नागिरी से राबता  
मगर ये भी तेरी शराफ़त का सिला है

फ़ित्नागिरी=झगड़ा
राबता = सम्बन्ध

मुझे माधुरी दीक्षित बहुत पसंद है :)
  

Friday, May 15, 2015

खुश रहने वाले लोगों की 7 आदतें ...


Friends, खुश  रहना  मनुष्य  का जन्मजात  स्वाभाव  होता  है . आखिर  एक  छोटा  बच्चा  अक्सर  खुश  क्यों  रहता  है ? क्यों  हम  कहते  हैं  कि  childhood days life के  best days होते  हैं ? क्योंकि  हम  पैदाईशी  HAPPY होते  हैं ;  पर  जैसे -जैसे  हम  बड़े  होते  हैं  हमारा  environment, हमरा समाज  हमारे  अन्दर  impurity घोलना  शुरू  कर  देता  है ….और  धीरे -धीरे  impurity का  level इतना  बढ़  जाता  है  कि  happiness का  natural state sadness के  natural state में  बदलने  लगता  है .

पर  ऐसा  सबके  साथ  नहीं  होता  है  दुनिया  में  ऐसे बहुत से  लोग  हैं  जो  अपनी  Happy रहने  की  natural state को  बचाए  रख  पाते  हैं  और  Life-time खुशहाल  रहते  हैं .
तो  क्या  ऐसे  व्यक्ति  हमेशा  खुश  रहते  हैं ?  नहीं , औरों  की  तरह  उनके  जीवन  में  भी  दुःख-सुख  का  आना  जाना  लगा  रहता  है ,  पर  आम तौर  पर  ऐसे  व्यक्ति  व्यर्थ की   चिंता  में  नहीं पड़ते और  अक्सर  हँसते -मुस्कुराते  और  खुश  रहते  हैं .
तो  सवाल  ये  उठता  है  कि  जब  ये  लोग  खुश  रह  सकते  हैं  तो बाकी  सब  क्यों  नहीं ?आखिर उनकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो  उन्हें दुनिया भर की टेंशन के बीच भी खुशहाल बनाये रखती हैं ? आज  इस  लेख  के  जरिये  मैं  आपके  साथ  खुशहाल लोगों की 7 आदतें share करने जा रहा हूँ  जो  शायद  आपको  भी  खुश  रहने  में  मदद  करें .तो  आइये  जानते  हैं उन सात आदतों को : 
Habit 1: खुश  रहने  वाले  अच्छाई  खोजते  हैं  बुराई  नहीं :
Human beings की  natural tendency होती  है  कि  वो  negativity को  जल्दी  catch करते  हैं . Psychologists इस  tendency को  “Negativity bias” कहते  हैं .  अधिकतर  लोग  दूसरों  में  जो कमी  होती  है  उसे  जल्दी देख  लेते  हैं  और  अच्छाई  की  तरफ  उतना  ध्यान  नहीं  देते  पर  खुश  रहने  वाले  तो  हर एक चीज  में , हर एक  situation में  अच्छाई  खोजते  हैं , वो  ये  मानते  हैं  कि  जो  होता  है  अच्छा  होता  है .  किसी  भी  व्यक्ति  में  अच्छाई  देखना  बहुत  आसान  है ,बस  आपको  खुद  से  एक  प्रश्न  करना  है , कि , “ आखिर  क्यों  यह  व्यक्ति  अच्छा  है ?” , और  यकीन  जानिये  आपका  मस्तिष्क  आपको  ऐसी  कई  अनुभव और  बातें  गिना  देगा  की  आप  उस  व्यक्ति  में  अच्छाई  दिखने  लगेगी .
एक  बात  और , आपको  अच्छाई  सिर्फ  लोगों  में  ही  नहीं  खोजनी  है , बल्कि  हर एक  situation में  आपको  positive रहना  है  और  उसमे  क्या  अच्छा  है  ये  देखना  है . For example , अगर  आप  किसी  job interview में  select नहीं  हुए  तो  आपको  ये  सोचना  चाहिए  कि  शायद  भागवान  ने  आपके  लिए  उससे  भी  अच्छी  job रखी  है जो आपको देर-सबेर  मिलेगी, और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से पूछ भी सकते हैं, वो भी आपको यही बताएगा .
Habit 2: खुश  रहने  वाले  माफ़  करना  जानते  हैं  और  माफ़ी  माँगना  भी :
हर  किसी  का  अपना -अपना  ego होता  है , जो  जाने -अनजाने  औरों  द्वारा  hurt हो  सकता  है . पर  खुश  रहने  वाले  छोटी -मोती  बातों को  दिल  से  नहीं  लगाते  वो   माफ़  करना  जानते  हैं , सिर्फ  दूसरों  को  नहीं  बल्कि  खुद  को  भी .
और  इसके  उलट  यदि  ऐसे  लोगों  से  कोई  गलती  हो  जाती  है , तो  वो  माफ़ी  मांगने  से  भी  नहीं  कतराते . वो  जानते  हैं  कि  व्यर्थ  का  ego उनकी  life को  complex बनाएगा  इसलिए  वो  “Sorry” बोलने  में  कभी  कंजूसी  नहीं  करते . मुझसे  भी जब गलती होती है तो मैं  कभी  उसे  सही  ठहराने  की  कोशिश  नहीं करता  और  उसे  स्वीकार  कर  के  क्षमा  मांग  लेता  हूँ .
माफ़  करना  और  माफ़ी  माँगना  आपके  दिमाग  को  हल्का  करता  है , आपको  बेकार   की  उलझन  और  परेशान  करने  वाली  thoughts से  बचाता  है , और  as a result आप  खुश  रहते  हैं . 
Habit 3: खुश  रहने  वाले  लोग  अपने  चारो  तरफ  एक  strong support system develop करते  हैं :
ये   support system दो  pillars पे  टिका  होता  है  Family and Friends( F&F). ज़िन्दगी  में  खुश  रहने  के  लिए   F&F का  बहुत  बड़ा  योगदान  होता  है . भले  आपके  पास  दुनिया  भर  की  दौलत  हो  , शोहरत  हो  लेकिन  अगर  F&F नहीं  है  तो  आप  ज्यादा  समय  तक  खुश  नहीं  रह  पायेंगे .
हो  सकता  है  ये  आपको  बड़ी  obvious सी  बात  लगे , ये  लगे  की  आपके  पास  भी  बड़े  अच्छे  दोस्त   हैं  और  बहुत  प्यार  करने  वाला  परिवार  है , लेकिन  इस  पर  थोडा  गंभीरता  से  सोचिये . आपके  पास  ऐसे  कितने   friends हैं , जिन्हें  आप  बिना  किसी  झिझक  के  रात  के  3 बजे  भी  phone कर  के  उठा सकें  या कभी भी financial help ले सकें?
Family and friends को  कभी  भी for granted नहीं  लेना  चाहिए , एक  strong relationship बनाने  के  लिए  आपको  अपने  हितों  से  ऊपर  उठ  कर  देखना  होता  है . , दूसरे  की  care करनी  होती  है , और  उन्हें   genuinely like करना  होता  है . जितना  हो  सके  अपने  रिश्तों  को  बेहतर  बनाएं  , छोटी -छोटी  चीजें  जैसे  कि  Birthday wish करना, बधाई  देना , सच्ची  प्रशंशा  करना , मुस्कुराते  हुए  मिलना , गर्मजोशी  से  हाथ  मिलाना , गले  लगना  आपके  संबंधों  को  प्रगाढ़  बनता  है . और  जब  आप  ऐसा  करते  हैं  तो  बदले  में  आपको  भी  वही  मिलता  है और  आपकी  ज़िन्दगी  को  खुशहाल  बनाता  है .
Habit 4: खुश  रहने  वाले  अपने  मन  का  काम  करते  हैं  या  जो  काम  करते  हैं  उसमे  मन  लगाते हैं :
यदि  आप  अपने  interest का,  अपने  मन  का  काम  करते  हैं  तो  definitely वो  आपके  Happiness Quotient को  बढ़ाएगा ,  लेकिन  ज्यादातर  लोग  इतने  lucky नहीं  होते , उन्हें  ऐसी  job या  business में  लगना   पड़ता  है  जो  उनके  interest के  हिसाब  से  नहीं  होतीं . पर  खुश  रहने  वाले  लोग  जो  काम  करते  हैं  उसी  में  अपना  मन  लगा  लेते  हैं , भले  ही  parallely वो  अपना  पसंदीदा  काम   पाने  का  प्रयास  करते  रहे .
मैंने  कई  बार  लोगों  को जहाँ job करते हैं उस  company की  बुराई  करते  सुना  है , अपने  काम  को  दुनिया  का  सबसे  बेकार  काम  कहते  सुना  है , ऐसा  करना  आपकी  life को  और  भी  difficult बनता  है . खुश  रहने  वाले  अपने  काम  की  बुराई  नहीं  करते  , वो  उसके   सकारात्मक  पहलुओं  पर  focus करते  हैं  और  उसे  enjoy करते  हैं .
मगर  , यहाँ  मैं  यह  ज़रूर  कहना  चाहूँगा  कि   यदि  हम  दुनिया  के  सबसे  खुशहाल  लोगों को देखें  तो  वो  वही लोग  होंगे  जो  अपने  मन  का  काम  करते  हैं , इसलिए  यदि  आप  जो  कर  रहे  हैं  उसे   enjoy करना  , उससे   सीखना  अच्छी  बात  है   पर  Steve Jobs  की कही बात भी याद रखिये: “आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है की आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम  समझते हों…और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है की आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों.”
Habit 5: खुश  रहने  वाले  हर  उस  बात  पर  यकीन  नहीं  करते  जो  उनके  दिमाग  में  आती  हैं :
Scientists के अनुसार  हमारा  brain हर  रोज़  60,000 thoughts produce करता  है  , और  एक  आम  आदमी  के  case में  इनमे  से  अधिकतर  thoughts negative होती  हैं . अगर  आप  daily अपने  brain को  हज़ारों  negative thoughts से  feed करेंगे  तो  खुश  रहना  तो  मुश्किल  होगा  ही . इसलिए  खुश  रहने  वाले  व्यक्ति   दिमाग  में  आ  रहे     बुरे  विचारों  को  अधिक  देर  तक  पनपने  नहीं  देते . वो  benefit of doubt देना   जानते  हैं , वो  जानते  हैं  कि  हो  सकता  है  जो  वो  सोच  रहे  हैं  वो  गलत  हो  , जिसे  वो  बुरा  समझ  रहे  हैं  वो  अच्छा  हो . ऐसा  कर  के  इंसान  relax हो  जाता  है , दरअसल  हमारी  सोच  के  हिसाब  से  brain में  ऐसे  chemical release होते  हैं  जो  हमारे  मूड  को  खुश  या  दुखी  करते  हैं .
जब  आप  नकारात्मक  विचारों  को  सच  मान  लेते  हैं  तो  आप  का  blood pressure बढ़ने  लगता  है  और  आप  tensionize हो  जाते  हैं , वहीँ  दूसरी  तरफ  जब  आप  उस  पर  doubt कर  देते  हैं  तो  आप  अनजाने  में  ही  brain को  relaxed रहने  का  signal दे  देते  हैं .
Habit 6: खुश  रहने  वाले  व्यक्ति  अपने  जीवन  या  काम  को  किसी  बड़े  उद्देश्य  से जोड़ कर देखते हैं :
एक  बार  एक  बूढी  औरत  कहीं  से आ  रही  थी  कि  तभी  उसने  तीन  मजदूरों  को  कोई  ईमारत बनाते  देखा  . उसने  पहले  मजदूर  से  पूछा  ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो  ?”, “ देखती  नहीं  मैं  ईंटे  ढो   रहा  हूँ .” उसने  जवाब  दिया .
फिर  वो  दुसरे  मजदूर  के  पास  गयी  और उससे  भी  वही  प्रश्न किया ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो ?” ,” मैं  अपने  परिवार  का  पेट  पालने  के  लिए  मेहनत – मजदूरी  कर  रहा  हूँ ?’ उत्तर  आया  .
फिर वह  तीसरे  मजदूर  के  पास  गयी  और  पुनः  वही  प्रश्न   किया ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो ?,
उस  व्यक्ति  ने  उत्साह  के  साथ  उत्तर  दिया , “ मैं  इस  शहर  का  सबसे  भव्य   मंदिर  बना  रहा  हूँ ”
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन तीनों में से कौन  सबसे अधिक खुश होगा!
दोस्तों, इस  मजदूर  की  तरह  ही  खुश  रहने  वाले  व्यक्ति  अपने  काम   को  किसी  बड़े  उद्देश्य   से  जोड़   कर  देखते  हैं , और   ऐसा  करना  वाकई  उन्हें  आपार  ख़ुशी  देता  है . ऐसा  मैं  इसलिए  भी  कह  पा  रहा  हूँ  क्योंकि  मैं  AchhiKhabar.Com को  भी  कुछ  इसी  तरह  देखता  हूँ .  मैं  ये  सोचता  हूँ  कि  इस  site के  जरिये  मैं  लाखों -करोड़ों  लोगों  की  ज़िन्दगी  को  बेहतर  बना  सकता  हूँ . मैं  हमेशा  यही  प्रयास  करता  हूँ  कि  कैसे  अच्छी  से  अच्छी  बातें  share करूँ  कि  पढने  वालों  की  life में  positive changes आएं , और  शायद  यही  वज़ह  है  कि  मैं  इस  काम   से  कभी  थकता  नहीं  हूँ  और  इसे  कर  के  सचमुच  बहुत  खुश  और  संतुष्ट  होता  हूँ .
Habit 7: खुश  रहने  वाले व्यक्ति अपनी  life में  होने  वाली  चीजों  के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं :
खुश  रहने वाले व्यक्ति  responsibility लेना  जानते  हैं . अगर  उनके  साथ  कुछ  बुरा  होता  है  तो  वो  इसका  blame दूसरों  पर  नहीं  लगाते , बल्कि  खुद  को  इसके  लिए  जिम्मेदार  मानते  हैं .For example:अगर  वो  office के  लिए  late होते  हैं  तो  traffic jam को  नहीं  कोसते  बल्कि  ये  सोचते  हैं  कि  थोडा  पहले  निकलना  चाहिए  था .
अपनी  success का  credit दूसरों  को  भले  दे  दें  लेकिन  अपनी  failure के लिए खुद को ही जिम्मेदार मानें  . जब  आप  अपने  साथ  होने  वाली  बुरी  चीजों  के  लिए  दूसरों  को  दोष  देते  हैं  तो  आपके  अन्दर  क्रोध  आता  है , पर  जब  आप  खुद  को  जिम्मेदार  मान  लेते  हैं  तो  आप  थोडा  disappoint होते  हैं  और  फिर चीजों  को  सही करने के प्रयास में जुट जाते हैं . मैं  खुद   भी  अपनी  life में  होने  वाली  हर  एक  अच्छी  – बुरी  चीज  के  लिए  खुद  को  जिम्मेदार  मानता  हूँ . ऐसा  करने  से  मेरी  energy दूसरों  में  fault खोजने  की  जगह  खुद  को  improve करने  में  लगती  है , और  ultimately मेरी  happiness को  बढाती  है .
Friends, हो  सकता  है  आप  इनमे  से  कुछ बातों  को  already follow करते  हों  partially या  शायद  पूरी  तरह  से . पर  यदि  किसी  भी  Habit में  खुद  को  थोडा  सा   भी  improve करेंगे  तो  वो  definitely आपकी  happiness को  बढ़ाएगा . Personally मुझे  Habit 2 में  माफ़  करने  वाले  part को  improve करना  है .  तो  चलिए  हम  सब  साथ -साथ  अपने  Happiness Quotient को  बढ़ाते  हैं  और  एक  खुशहाल  जीवन  जीने  का  प्रयास  करते  हैं .
http://www.achhikhabar.com/2012/05/25/the-7-habits-of-happy-people-in-hindi/

तीन कहानियाँ- जो बदल सकती हैं आपकी ज़िन्दगी !


पढ़िए iPod और iPhone बनाने वाली कंपनी Apple के founder Steve Jobs के जीवन की तीन कहानियाँ  जो  बदल सकती हैं आपकी भी ज़िन्दगी.
Steve Jobs
जब कभी दुनिया के सबसे प्रभावशाली entrepreneurs का नाम लिया जाता है तो उसमे कोई और नाम हो न हो ,एक नाम ज़रूर आता है. और वो नाम है STEVE JOBS (स्टीव जोब्स) का. APPLE Company के co-founder इस अमेरिकी को दुनिया सिर्फ एक successful entrepreneur, inventor और businessman के रूप में ही नहीं जानती है बल्कि उन्हें world के अग्रणी motivators और speakers  में भी गिना जाता है. और आज आपके साथ good quality Hindi articles share करने की अपनी commitment को पूरा करते हुए हम AchhiKhabr.Com पर आपके साथ  Steve Jobs की अब तक की one of the best speech “Stay Hungry Stay Foolish” Hindi में share कर रहे हैं. यह speech उन्होंने Stanford  University के convocation ceremony (दीक्षांत समारोह) में 12 June 2005 को दी थी.

तो चलिए पढते हैं – One of the best speech ever by Steve Jobs , translated in Hindi:

           STEVE JOBS CONVOCATION SPEECH AT STANFORD
                                        “Stay Hungry Stay Foolish”

Thank You;  आज world की सबसे बहेतरीन Universities में से एक के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस  कर रहा हूँ. मैं आपको एक सच बता दूं ; मैं कभी किसी college से pass  नहीं हुआ; और आज पहली बार मैंकिसी college graduation ceremony के इतना करीब पहुंचा हूँ. आज मैं आपको अपने जीवन की तीन कहानिया सुनाना  चाहूँगा… ज्यादा कुछ नहीं बस तीन कहानिया.
मेरी पहली कहानी , dots connect करने के बारे में है. Reed College में दाखिला लेने के 6 महीने के अंदर ही मैंने पढाई छोड़ दी, पर मैं उसके 18 महीने बाद तक वहाँ किसी तरह आता-जाता रहा. तो सवाल उठता है कि मैंने college क्यों छोड़ा? ….Actually, इसकी शुरुआत मेरे  जन्म से पहले की है.
 मेरी biological mother*  एक young , अविवाहित  graduate student थी, और वह मुझे किसी और को adoption के लिए देना चाहती थी. पर उनकी एक ख्वाईश थी की कोई college graduate ही मुझे adopt करे. सबकुछ बिलकुल set था और मैं एक वकील और उसकी wife  के द्वारा adopt किया जाने वाला था कि अचानक उस couple  ने अपना विचार बदल दिया और decide किया कि उन्हें एक लड़की चाहिए. इसलिए तब आधी-रात को मेरे parents, जो तब waiting list में थे,को call  करके बोला गया कि , “हमारे पास एक baby-boy है, क्या आप उसे गोद लेना चाहेंगे?” और उन्होंने झट से हाँ कर दी. बाद में मेरी biological mother  को पता चला कि मेरी माँ college pass नहीं हैं और पिता तो High School  पास भी नहीं हैं. इसलिए उन्होंने Adoption Papers sign करने से मना कर दिया; पर कुछ महीनो बाद मेरे होने वाले parents के मुझे college भेजने के आश्वाशनके बाद वो मान गयीं. तो मेरी जिंदगी कि शुरुआत कुछ इस तरह हुई और सत्रह साल बाद मैं college गया..पर गलती से मैंने Stanford जितना ही महंगा college चुन लिया. मेरे working-class parents  की सारी जमा-पूँजी मेरी पढाई में जाने लगी. 6 महीने बाद मुझे इस पढाई में कोई value नहीं दिखी.मुझे कुछ idea नहीं था कि मैं अपनी जिंदगी में क्या करना चाहता हूँ, और college मुझे किस तरह से इसमें help करेगा..और ऊपर से मैं अपनी parents की जीवन भर कि कमाई खर्च करता जा रहा था. इसलिए मैंने कॉलेज drop-out करने का निर्णय लिए…और सोचा जो होगा अच्छा होगा. उस समय तो यह सब-कुछ मेरे लिए काफी डरावना था पर जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो मुझे लगता है ये मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा decision था.
जैसे ही मैंने college छोड़ा मेरे ऊपर से ज़रूरी classes  करने की बाध्यता खत्म हो गयी . और मैं चुप-चाप सिर्फ अपने interest की classes करने लगा. ये सब कुछ इतना आसान नहीं था. मेरे पास रहने के लिए कोई room नहीं था , इसलिए मुझे दोस्तों के room में फर्श पे सोना पड़ता था.मैं coke  की bottle को लौटाने से मिलने वाले पैसों से खाना खता था.,मैं हर Sunday  7 मील पैदल चल कर Hare Krishna Temple  जाता था ,ताकि कम से कम हफ्ते में एक दिन पेट भर कर खाना खा सकूं. यह मुझे काफी अच्छा लगता था.
.मैंने अपनी life में जो भी अपनी curiosity और intuition की वजह से किया वह बाद में मेरे लिए priceless साबित हुआ. Let me give an example. उस समय Reed College  शायद दुनिया की सबसे अच्छी जगह थी जहाँ Calligraphy* सिखाई जाती थी. पूरे campus में हर एक poster , हर एक label  बड़ी खूबसूरती से हांथों से calligraph  किया होता था .चूँकि मैं college से drop-out कर चुका था इसलिए मुझे normal classes करने की कोई ज़रूरत नहीं थी. मैंने तय किया की मैं calligraphy की classes करूँगा और इसे अछ्छी तरह से सीखूंगा. मैंने serif और sans-serif type-faces के बारे में  सीखा.; अलग-अलग letter-combination के बीच में space vary करना और किसी अच्छी  typography को क्या चीज अच्छा बनाती है , यह भी सीखा . यह खूबसूरत था, इतना artistic था कि इसे science द्वारा capture  नहीं किया जा सकता था, और ये मुझे बेहद अच्छा लगता था. उस समय ज़रा सी भी उम्मीद नहीं थी कि मैं इन चीजों का use कभी अपनी life में करूँगा. लेकिन जब दस साल बाद हम पहला Macintosh Computer बना रहे थे तब मैंने इसे Mac में design कर दिया. और Mac  खूबसूरत typography युक्त दुनिया का पहला computer बन गया.अगर मैंने college से drop-out नहीं किया होता तो Mac मैं कभी multiple-typefaces या  proportionally spaced fonts नहीं होते , और चूँकि Windows ने Mac की copy  की थी तो शायद ये  किसी भी personal computer में ये चीजें नहीं होतीं. अगर मैंने कभी drop-out ही नहीं किया होता तो मैं कभी calligraphy की  वो classes  नहीं कर पाता और फिर शायद personal computers में जो fonts होते हैं , वो होते ही नहीं.
Of course,  जब मैं college में था तब भविष्य में देख कर इन dots  को connect करना  impossible था; लेकिन दस साल बाद जब मैं पीछे मुड़  कर देखता हूँ तो सब कुछ बिलकुल साफ़ नज़र आता है. आप कभी भी future  में झांक कर dots connect नहीं कर सकते हैं. आप सिर्फ past देखकर ही dots connect कर सकते हैं; इसलिए आपको यकीन करना होगा की अभी जो हो रहा है वह आगे चल कर किसी न किसी तरह आपके future से connect हो जायेगा. आपको किसी न किसी चीज में विश्ववास करना ही होगा —अपने guts में, अपनी destiny में, अपनी जिंदगी या फिर अपने कर्म में…किसी न किसी चीज मैं विश्वास करना ही होगा…क्योंकि इस बात में believe करना की आगे चल कर dots connect होंगे आपको अपने दिल की आवाज़ सुनने की हिम्मत देगा…तब भी जब आप बिलकुल अलग रास्ते पर चल रहे होंगे…and that will make the difference.
मेरी दूसरी कहानी , love और loss  के बारे में है. मैं जिस चीज को चाहता था वह मुझे जल्दी ही मिल गयी. Woz और मैंने अपने parents के गराज से  Apple  शरू की तब मैं 20 साल का था. हमने बहुत मेहनत की और 10 साल में Apple दो लोगों से बढ़ कर $2 Billion  और 4000 लोगों की company हो गयी. हमने अभी एक साल पहले ही अपनी finest creation Macintosh release की , मैं तीस का हो गया था और मुझे company से fire  कर दिया गया.
Young Steve Jobs
आप अपनी बनायीं हुई company से fire कैसे हो सकते हैं ? Well, जैसे-जैसे company grow की, हमने एक ऐसे talented आदमी को hire किया ,जिसे मैंने सोचा कि वो मेरे साथ company run करेगा , पहले एक साल सब-कुछ ठीक-ठाक चला…. लेकिन फिर company के future vision  को लेके हम दोनों में मतभेद होने लगे. बात Board Of Directors तक पहुँच गयी, और उन लोगों ने उसका साथ दिया,so at thirty , मुझे निकाल दिया गया…publicly निकाल दिया गया. जो मेरी पूरी adult life का focus था वह अब खत्म हो चुका था, और ये बिलकुल ही तबाह करने वाला था. मुझे सचमुच अगले कुछ महीनो तक समझ ही नहीं आया कि मैं क्या करूं.
मुझे महसूस हुआ कि ये सबकुछ इतनी आसानी से accept  करके मैंने अपने पहले कि generation के entrepreneurs को नीचा दिखाया है. मैं David Packard* और Bob Noyce* से मिला और उनसे सबकुछ ऐसे हो जाने पर माफ़ी मांगी. मैं एक बहुत बड़ा public failure था, एक बार तो मैंने valley* छोड़ कर जाने की भी सोची.पर धीरे – धीरे मुझे अहसास हुआ की मैं जो काम करता हूं, उसके लिए मैं अभी भी  passionate हूँ. Apple में जो कुछ हुआ उसकी वजह से मेरे passion में ज़रा भी कमी नहीं आई है….मुझे reject कर दिया गया है, पर मैं अभी भी अपने काम से प्यार करता हूँ. इसलिए मैंने एक बार फिर से शुरुआत करने की सोची. मैंने तब नहीं सोचा पर अब मुझे लगता है की Apple से fire किये जाने से अच्छी चीज मेरे साथ हो ही नहीं सकती थी. Successful होने का बोझ   अब beginner होने के हल्केपन में बदल चूका था , मैं एक बार फिर खुद को बहुत free महसूस कर रहा था…इस स्वछंदता की वज़ह से मैं अपनी life  की सबसे creative period  में जा पाया.
अगले पांच सालों में मैंने एक company … NeXT  और एक दूसरी कंपनी Pixar start की और इसी दौरान मेरी मुलाक़ात एक बहुत ही amazing lady  से हुई ,जो आगे चलकर मेरी wife बनी. Pixar ने दुनिया की पहली computer animated movie , “ Toy Story”  बनायीं, और इस वक्त यह दुनिया का सबसे सफल animation studio है. Apple ने  एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए NeXT को खरीद लिया और मैं Apple में वापस चला गया. आज Apple, NeXT  द्वारा develop की गयी technology use करती है….अब Lorene और मेरा एक सुन्दर सा परिवार है. मैं बिलकुल surety के साथ कह सकता हूँ की अगर मुझे Apple से नहीं निकाला गया होता तो मेरे साथ ये सब-कुछ नहीं होता. ये एक कड़वी दवा थी …पर शायद patient को इसकी ज़रूरत थी.कभी-कभी जिंदगी आपको इसी तरह ठोकर मारती है. अपना विश्वाश मत खोइए. मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैं सिर्फ इसलिए आगे बढ़ता गया क्योंकि मैं अपने काम से प्यार करता था…I loved my work.
मेरी तीसरी कहानी death  के बारे में है. जब मैं 17  साल का था तो मैंने एक quote पढ़ा , जो कुछ इस तरह था, “ यदि आप हर रोज ऐसे जियें जैसे की ये आपकी जिंदगी का आखीरी दिन है ..तो आप किसी न किसी दिन सही साबित हो जायेंगे.” इसने मेरे दिमाग पे एक  impression बना दी, और तबसे…पिछले 33  सालों से , मैंने  हर सुबह उठ कर शीशे में देखा है और खुद से एक सवाल किया है , “ अगर ये  मेरी जिंदगी का आखिरी दिन होता तो क्या मैं आज वो करता जो मैं करने वाला हूँ?” और जब भी लगातार कई दिनों तक जवाब “नहीं” होता है , मैं समझ जाता हूँ की कुछ बदलने की ज़रूरत है. इस बात को याद रखना की मैं बहत जल्द मर जाऊँगा मुझे अपनी life  के बड़े decisions लेने में सबसे ज्यादा मददगार होता है, क्योंकि जब एक बार death  के बारे में सोचता हूँ तब सारी expectations, सारा pride, fail होने का डर सब कुछ गायब हो जाता है और सिर्फ वही बचता है जो वाकई ज़रूरी है.इस बात को याद करना की एक दिन मरना है…किसी चीज को खोने के डर को दूर करने का सबसे अच्छा  तरीका है.आप पहले से ही नंगे हैं.ऐसा कोई reason नहीं है की आप अपने दिल की ना सुने.आप really क्या करना पसंद करते हैं यह आपको जानना होगा, जितना अपने love को find करना ज़रूरी है, उतना ही उस काम को ढूँढना ज़रूरी जिसे आप सच-मुच enjoy करते हों आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है की आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम  समझते हों...और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है की आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों.यदि आपको अभी तक वो काम नहीं मिला है तो आप रूकिये मत..उसे खोजते रहिये. जैसा कि दिल से जुडी हर चीज में होता है…वो जब आपको मिलेगा तब आपको पता चल जायेगा…और जैसा की किसी अच्छी relationship में होता है वो समय के साथ-साथ और अच्छा होता जायेगा ….इसलिए खोजते रहिये…रूकिये मत.
करीब एक साल पहले पता चला की मुझे cancer है . सुबह 7:30 बजे मेरा scan हुआ, जिसमे साफ़-साफ़ दिख रहा था की मेरे pancreas में tumor  है. मुझे तो पता भी नहीं था की pancreas क्या होता है. Doctor ने लग-भग यकीन के साथ बताया की मुझे एक ऐसा cancer है जिसका इलाज़ संभव नहीं है..और अब मैं बस 3 से 6 महीने का मेहमान हूँ. Doctor  ने सलाह दी की मैं घर जाऊं और अपनी सारी चीजें व्यवस्थित कर लूं, जिसका indirect मतलब होता है कि , “आप मरने की तैयरी कर लीजिए.”  इसका मतलब कि आप कोशिश करिये कि आप अपने बच्चों से जो बातें अगले दस साल में करते , वो अगले कुछ ही महीनों में कर लीजिए. इसका ये मतलब होता है कि आप सब-कुछ सुव्यवस्थित कर लीजिए की आपके बाद आपकी family को कम से कम परेशानी हो.इसका ये मतलब होता है की आप सबको गुड-बाय कर दीजिए.
मैंने इस diagnosis के साथ पूरा दिन बिता दिया फिर शाम को मेरी biopsy हुई जहाँ मेरे मेरे गले के रास्ते, पेट से होते हुए मेरी intestine में एक endoscope डाला गया और एक सुई से tumor से कुछ cells  निकाले गए. मैं तो बेहोश था , पर मेरी wife , जो वहाँ मौजूद थी उसने बताया की जब doctor ने microscope से मेरे cells देखे तो वह रो पड़ा…दरअसल cells देखकर doctor समझ गया की मुझे एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार का  pancreatic cancer है जो surgery से ठीक हो सकता है. मेरी surgery हुई और सौभाग्य से अब मैं ठीक हूँ.
मौत के इतना करीब मैं इससे पहले कभी नहीं पहुंचा , और उम्मीद करता हूँ की अगले कुछ दशकों तक   पहुँचूं भी नहीं. ये सब देखने के बाद मैं ओर भी विश्वाश के साथ कह सकता हूँ की death एक useful but intellectual concept है.कोई मरना नहीं चाहता है, यहाँ तक की जो लोग स्वर्ग जाना चाहते हैं वो भी…फिर भी मौत वो मजिल है जिसे हम सब share  करते हैं.आज तक इससे कोई बचा नहीं है. और ऐसा ही होना चाहिएक्योंकि शायद मौत ही इस जिंदगी का सबसे बड़ा आविष्कार है .  ये जिंदगी को बदलती है, पुराने को हटा कर नए का रास्ता खोलती है. और इस समय नए आप हैं. पर ज्यादा नहीं… कुछ ही दिनों में आप भी पुराने हो जायेंगे और रस्ते से साफ़ हो जायेंगे. इतना dramatic होने के लिए माफ़ी चाहता हूँ पर ये सच है.आपका समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जी कर व्यर्थ मत कीजिये. बेकार की सोच में मत फंसिए,अपनी जिंदगी को दूसरों के हिसाब से मत चलाइए. औरों के विचारों के शोर में अपनी अंदर की आवाज़ को, अपने intuition को मत डूबने दीजिए. वे पहले से ही जानते हैं की तुम सच में क्या बनना चाहते हो. बाकि सब गौड़ है.
जब मैं छोटा था तब एक अद्भुत publication, “The Whole Earth Catalogue”  हुआ करता था, जो मेरी generations की bibles में से एक था.इसे Stuart Brand नाम के एक व्यक्ति, जो यहाँ … MelonPark से ज्यादा दूर नहीं रहता था, और उसने इसे अपना poetic touch दे के बड़ा ही जीवंत बना दिया था. ये साठ के दशक की बात है, जब computer और desktop publishing  नहीं हुआ करती थीं., पूरा catalogue ..typewriters, scissors और  Polaroid cameras की मदद से बनाया जाता था. वो कुछ-कुछ ऐसा था मानो Google को एक book के form में कर दिया गया हो….वो भी गूगल के आने के 35 साल पहले.वह एक आदर्श था, अच्छे tools और महान विचारों से भरा हुआ था.
Stuart और उनकी team ने “The Whole Earth Catalogue”के कई issues  निकाले और अंत में एक final issue  निकाला. ये सत्तर के दशक का मध्य था और तब मैं आपके  जितना था. Final issue के back cover पे प्रातः काल का किसी गाँव की सड़क का द्दृश्य था…वो कुछ ऐसी सड़क थी जिसपे यदि आप adventurous हों तो किसी से lift माँगना चाहेंगे. और उस picture के नीचे लिखा था, Stay Hungry, Stay Foolish”..  ये उनका farewell message था जब उन्होंने sign-off  किया…,Stay Hungry, Stay Foolish” और मैंने अपने लिए हमेशा यही wish किया है, और अब जब आप लोग यहाँ से graduate हो रहे हैं तो मैं आपके लिए भी यही wish करता हूँ , stay hungry, stay foolish. Thank you all very much. 
The GREAT STEVE JOBS died on 5th Oct 2011 after a years-long battle with pancreatic cancer.Such great men are born once in a century, and they have no where to go but to Heaven. 
Steve Jobs की ये स्पीच हिंदी में देखने के लिए नीचे दिए गये विडियो पर क्लिक करें :
Best Motivational Video in Hindi
क्यों है न कमाल की speech!!!

Thursday, May 14, 2015

दिल की बस्ती में उन्होंने भर ही दी चिंगारियाँ .....


हम चले जिन रास्तों पर, दुरूह थे वीरान थे 
हम नहीं उनपर चले, जो रास्ते आसान थे 

हम न हो पाये तेरी, नज़्र के क़ाबिल कभी 
क्या नज़र आते हैं हम, औ क्या तेरे अरमान थे 

हो गए हैराँ-परेशां, हमें देख दश्त के जानवर 
सब पूछते हैं क्या हुआ, तुम तो कभी इंसान थे

फूल, चन्दन, धूप-बाती सा महकता देवता
हम ही जाने क्यों मगर, इस ख़ुश्बू से अंजान थे 

दिल की बस्ती में उन्होंने, भर ही दी चिंगारियाँ   
ख़ाक़ में मिल जाए दिल, इस दिल से वो परेशान थे 

दश्त=जँगल
नज़्र = उपहार 

BEST SONG EVER......