Tuesday, February 2, 2010

पहुँचेंगे शिखर पर वो .....


जब मन उदास होता है
ख़याल के पास होता है

जो दिल में दर्द उठता है
लब पे उच्छ्वास होता है

पहुँचेंगे शिखर पर  वो
जिन्हें विश्वास होता है

सच्चा प्रेम मिल जाए
फिर मधुमास होता है

सुधि सा जो साथी हो
जीवन ख़ास होता है

कलह प्रेमी मनुज का तो
बस विनाश होता है

कुटिलता का अंतिम लक्ष्य
बस भड़ास होता है

जिस जीवन में नहीं उत्साह
मृत्यु के पास होता है


35 comments:

  1. Jivan ki sacchai ko baya karati is kavita ki jitani tarif karu kam lagati hai...ek ek line apane aapame bahut khub hai...Aabhar!!

    ReplyDelete
  2. हम भटकते ही नही बहरो-वजन पर ! इसलिये पूरे आनन्द से पढ़ रहे हैं यह रचना ।

    शब्दों का सुन्दर प्रयोग मजा दे रहा है । बहु-संस्कारी शब्द घुलमिल गये हैं । आभार ।

    ReplyDelete
  3. दद्दा(मैथिली शरण गुप्त) की सादगी की स्मृति हो आई।
    शब्द सरल, लय सरल, बात सरल - भाव गहन।
    छन्दों से मुक्ति की भाप को बीच बीच में विधान पात्र में बन्द करते रहिए - शक्ति संचय होता रहेगा।

    ReplyDelete
  4. jeevan kee sacchaee.......bhavo kee sunder prastuti..... .sabhee utkrusht .
    aabhar

    ReplyDelete
  5. जिस जीवन में नहीं उत्साह
    मृत्यु के पास होता है.nice

    ReplyDelete
  6. सुन्दर अभिव्यक्ति!

    ReplyDelete
  7. पहुँचेंगे शिखर पर वो
    जिन्हें विश्वास होता है..
    शानदार लाइनें,आभार.

    ReplyDelete
  8. सुधि सा जो साथी होजीवन ख़ास होता है
    कलह प्रेमी मनुज का तोबस विनाश होता है

    मेरे दिल के करीब की रचना है यह

    ReplyDelete
  9. जब भी ये दिल उदास होता है जाने कौन आस पास होता है
    सच्चे प्रेम का मधुमास ....पहुंचे शिखर पर है विश्वास
    जीवन नहीं उल्लास के बिना पूर्ण ...जानते हैं ....इसलिए हजार रोड़ों के बावजूद उत्साह कभी कम नहीं होता ...
    उत्साह जगा तो रही है कविता ...मगर इसमें कही कोई छिपी उदासी नजर आ रही है ...क्या सिर्फ मुझे ही ...??

    ReplyDelete
  10. दीदी चरण स्पर्श

    अरे वाह दीदी क्या बात है आजकल रोज धासु-धासु पोस्टवा ठेल रही हों कुछ हाथ लगा है लगता है , कोई बात नहीं वो तो हम पता लगा ही लेंगे , फिलहाल ये कह देता हूँ रचना बहुत अच्छी लगी । इतना धासू लिखती हैं आप तभी तो बार-बार कहने को मन करता है कि हम आपसे बहुत प्यार करते हैं ।

    ReplyDelete
  11. "पहुँचेंगे शिखर पर वो
    जिन्हें विश्वास होता है"


    बहुत सुन्दर!

    हमें भी विश्वास है खुद पर।

    ReplyDelete
  12. कलह प्रेमी मनुज का तो
    बस विनाश होता है

    कुटिलता का अंतिम लक्ष्य
    बस भड़ास होता है

    ध्रुव सत्य है-आभार

    ReplyDelete
  13. मन की सरलता को संभव है कि बेहतरी से इसी तरह व्यक्त किया जा सकता हो.

    ReplyDelete
  14. अरे वाह इतनी सुन्दर रचना पढने को मिले तो क्या बात हो , बहुत ही लाजवाब रचना लगी आपकी , खासकर शब्दो का संयोजन ।

    ReplyDelete
  15. क्या कहे, सब कुछ तो कविता में कह दिया गया है
    एक सच्ची कविता

    ReplyDelete
  16. हर एक लाइन न सिर्फ बहुत सुन्दर अपितु यथार्थ बयान करती है !

    ReplyDelete
  17. अदा जी,

    छोटे थे तो बिना मतलब पता हुए ये गाया करते थे...

    तितली उड़ी, उड़ के चली,
    फूल ने कहा, आजा मेरे पास,
    तितली कहे, चल हट बदमाश...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  18. कुटिलता का अंतिम लक्ष्य
    बस भड़ास होता है
    जिस जीवन में नहीं उत्साह
    मृत्यु के पास होता है

    बहुत बड़ा सत्य कह दिया है इस रचना में....खूबसूरत ..

    ReplyDelete
  19. अदा साहिबा आदाब
    बहुत खूब कहा है-
    पहुँचेंगे शिखर पर वो
    जिन्हें विश्वास होता है

    आत्मविश्वास पैदा करने वाला भाव

    सुधि सा जो साथी हो
    जीवन ख़ास होता है

    सच कहा-
    मोहसिन साहब का एक शेर अर्ज़ है-
    दिल ही न मिलेंगे तो सफर कैसे कटेगा
    दुनिया ने तो रिश्तों में हमें बांध दिया है

    ReplyDelete
  20. kya baat hai. do took baat.bahut khoob

    ReplyDelete
  21. खूबसूरत रचना...
    पहले रचना कि जगह ग़ज़ल लिखने जा रहे थे कमेन्ट में...

    लेकिन मन नहीं माना....
    भाव बहुत गहरे हैं इस कविता के....
    जब मन उदास होता है
    ख़याल के पास होता है


    पहली लाईने देखते ही ..गाना याद आ रहा है रफ़ी का...

    जब भी ये दिल उदास होता है...जाने कौन आस पास होता है...

    कोई वायदा नहीं किया लेकिन...क्यूँ तेरा इंतज़ार रहता है..
    बेवजह जब करार मिल जाए..
    दिल बड़ा बेक़रार रहता है..

    ReplyDelete
  22. सुधि सा जो साथी हो
    जीवन ख़ास होता है
    बहुत सुन्दर रचना.

    ReplyDelete
  23. Ambarish Ambuj ne kaha hai email se :


    comment post nhi ho raha shayad....
    जीवन में उत्साह आ गया है,
    मन में विश्वास आ गया है,
    कैसे नही मिलेगी सफलता जब,
    राह दिखाने आप सा ख़ास आ गया है..

    ReplyDelete
  24. छोटे छंदों का भा अपना ही मजा है।
    बहुत सुन्दर है आपकी यह रचना!
    आप यहाँ भी हैं-
    http://charchamanch.blogspot.com/2010/02/blog-post_02.html

    ReplyDelete
  25. जिस जीवन में नहीं उत्साह
    मृत्यु के पास होता है

    छोटी छोटी लाइनों में जीवन दर्शन सिमेट दिया है .............

    ReplyDelete
  26. पहुँचेंगे शिखर पर वो
    जिन्हें विश्वास होता है..

    ReplyDelete
  27. सुंदर रचना! इसमें सबकुछ है। साधुवाद!

    ReplyDelete
  28. वाह....वाह.....वाह.... अतिसुन्दर....
    यथार्थ को अनूठे ढंग से उद्भेदित सभी के सभी पद मर्मस्पर्शी,मनमोहक...

    ReplyDelete
  29. Namaste :-)

    Bahut achha likha hai.

    "कुटिलता का अंतिम लक्ष्य
    बस भड़ास होता है"

    Kaafi achhey se shabdo ko tol-mol kar likha hai....

    Prem Sahit,
    Dimple
    http://poemshub.blogspot.com

    ReplyDelete
  30. बेहतरीन। लाजवाब।

    ReplyDelete
  31. har sher sacchayi bayaan karta hua. rachna ko sashakt aur sunderta pradan kar raha hai. ada di badhayi. sory kuchh posts per me nahi aa payi.

    ReplyDelete
  32. आशा और ऊर्जा से भरी कविताओं से नवजीवन का संचार होता है। बेहद उत्तम पोस्ट है आपकी।

    ReplyDelete