एक कमेन्ट आया है ईमेल से....सोचा आपलोगों के साथ साझा कर लूँ...हो सकता है इनका कहना सही हो....
tum jaise logon ne hi blogging ki Maa....kar rakhi hai , band karo blogging , raham karo blogging par, hindi par , gazalon par , insaaniyat par
इनका कहना है कि मेरे जैसे लोगों की वजह से ही, ब्लॉग जगत गड्ढे में जा रहा है...मैं ब्लॉग्गिंग बंद कर दूँ, क्योंकि मुझे लिखना ही नहीं आता है, न मैं हिंदी भाषा के लिए सही हूँ, न ब्लॉग्गिंग के लिए, न ही इंसानियत के लिए...और न ही ग़ज़लों के लिए ...
एक बात स्पष्ट कर दूँ...मैंने कभी भी दावा नहीं किया है कि मैं ग़ज़ल लिखती हूँ...जो भी ख्याल मेरे ज़ेहन में आते हैं ..बस उन्हें एक तरतीब देने की कोशिश करती हूँ..वो बेशक 'ग़ज़ल जैसे' होने का भान देते हैं...लेकिन ग़ज़ल नहीं हैं...न ही आज तक ब्लॉग जगत के माने हुए ग़ज़लकारों ने मेरी पोस्ट्स पर कमेन्ट किया है...ज़ाहिर सी बात है, उनके पास मेरी रचनाओं के लिए कुछ भी कहने को नहीं होता, हो सकता है मेरी रचनाओं को 'ग़ज़ल' संबोधन मिलने से किसी के मन को ठेस लगती हो... तो आज सारे ग़ज़लकारों से क्षमा चाहती हूँ ...और आप सबसे विनती करती हूँ, मेरी रचनाओं को 'ग़ज़ल' न कहें...
न मैं कभी ग़ज़लगो थी, न हूँ और न ही अब होने की मेरी कोई इच्छा है...
बाकी रही हिंदी की बात तो, आज के 'हिंदी दिवस' के दिन मैं भी सोचने पर मजबूर हो गई हूँ, कि क्या सचमुच अंशमात्र ही सही, हिंदी के ह्रास में मैं योगदान कर रही हूँ..??
यदि मेरे आलेख सचमुच हिंदी ब्लॉग जगत के स्तर को नीचे लाने में योगदान कर रहे हैं तो मुझे बताया जाए, क्योंकि हम जैसों के होने से हिंदी ब्लॉग जगत का भला अगर नहीं हो रहा परन्तु चले जाने से होगा तो मैं ख़ुशी से तैयार हूँ..
और रही बात इंसानियत की तो, मेरे पास इसके लिए कोई जवाब नहीं है, जब तक आप मुझसे मिलते नहीं हैं, यह साबित नहीं हो सकता...
मैं चाहती तो इस ईमेल को पूरी तरह इग्नोर कर सकती थी, लेकिन मैं स्वयं भी जानना चाहती हूँ, अगर किसी एक भी व्यक्ति के मन में, मेरे लेखन को लेकर कोई असहजता (मैं असहमतियों की बात नहीं कर रही हूँ, वह मेरा अधिकार है) है तो मैं सहज नहीं महसूस करती हूँ...
कहीं सचमुच मेरी लेखनी से, कोई भूल तो नहीं हो रही है...कहीं मैं अनजाने कुछ ऐसा ग़लत तो नहीं कर रही हूँ...?
और अगर ऐसा है, तो मैं स्वयं को बदलने के लिए तैयार हूँ...
आशा है, आप गुणीजन मेरा मार्ग दर्शन करेंगे...
हाँ नहीं तो...!!