तेरा आना
पागल दिल हो ,
झलक दिखाना
ख़ुशी का पल हो ,
छुप-छुप रहना
दर्द-ए-दिल हो ,
हाथ ना आना
बीता कल हो ,
नैन मिलाना
एक ग़ज़ल हो ,
नज़र में मेरी
ताजमहल हो ,
उम्र का हासिल
साथ का पल हो,
पाक़ हो जैसे
तुलसी दल हो ,
अंत समय तुम
बस गंगा जल हो ,
ये समा, समा है ये प्यार का....आवाज़ 'अदा' की
पागल दिल हो ,
झलक दिखाना
ख़ुशी का पल हो ,
छुप-छुप रहना
दर्द-ए-दिल हो ,
हाथ ना आना
बीता कल हो ,
नैन मिलाना
एक ग़ज़ल हो ,
नज़र में मेरी
ताजमहल हो ,
उम्र का हासिल
साथ का पल हो,
पाक़ हो जैसे
तुलसी दल हो ,
अंत समय तुम
बस गंगा जल हो ,
ये समा, समा है ये प्यार का....आवाज़ 'अदा' की