इस कविता की पहली दो पंक्तियाँ बचपन में गाती थी....
उसके बाद कुछ याद नहीं रहा..सोचा इसको फिर से नया रूप दिया जाए...
ये दो पंक्तियाँ किसने लिखी मुझे नहीं मालूम....
ये बिलकुल ऐसे ही है जैसे घो-घो रानी कितना कितना पानी......हम नहीं जानते किसने लिखा...
फिर भी नया रूप है..आपको पसंद आएगा ...
मेरे दिल का quarter कर लो occupy
मत देना darling rent का single पाई
साँसों कि गलियों में तुम मजे में jogging करना
थक जाओ और मर्ज़ी हो तो ठंडा पानी पीना
मेरे नैन करेंगे water supply
मत देना darling rent का single पाई
धड़कन मेरी थपकी देगी अरमां का बिछौना
mood करे और नींद लगे तो मजे में उस पर सोना
मेरा heart करेगा heating सप्लाई
मत देना darling rent का single पाई
दोनों auricles तेरे,darling ventricles भी तेरा
बिजली-पानी मेरा खर्चा नहीं लगेगा ढेला
रानी मेरी बन जाओ बाकी को good bye
मत देना darling rent का single पाई
मेरे दिल का quarter कर लो occupy
मत देना darling rent का single पाई