
दिल न होता न गम न वस्ले-यार होता
न सितम होते न ही उनका प्यार होता
वो दबे पाँव घूमते हैं अब ख्यालों में
बस कोई जतन उनका दीदार होता
नींद की मुझे वो क़रारी कोई दे जाते
मेरी पलकों पे उनका इख्तियार होता
जान जाती मेरी औ रूह फना हो जाती
जुस्तजू उनकी, उनका इंतज़ार होता
कोई कुछ भी कहे नहीं है यकीं तुझको 'अदा'
तेरे जहनों को उनका एतबार होता
सारी तसवीरें गूगल का सौजन्य से ....