Showing posts with label मेरा राजा बेटा .... Show all posts
Showing posts with label मेरा राजा बेटा .... Show all posts

Thursday, December 17, 2009

मेरा घर मेरे बच्चे...



इन दिनों कुछ भी नया लिखने के लिए समय ही नहीं मिल पा रहा है...कारण मेरा छोटा बेटा मृगांक शेखर हॉस्टल से आया है....
और जैसा की आप जानते हैं बच्चे हॉस्टल से आयें तो सबसे ज्यादा खाने की ही बात होती है...कि क्या-क्या खिलाया जाए.... इसलिए ज्यादातर समय खाना बनाने और खिलाने में ही जा रहा है....हर दिन नई नई फरमाईश .... अपने खाने-पीने के मामले में मृगांक बहुत ही संयत है...लेकिन घर आते साथ ही सारा अनुशासन धरा का धरा रह जाता है...कहाँ मिल पता है उसे घर जैसा खाना ?

मृगांक तो वैसे भी खाने का शौक़ीन है....जब मैंने उसे उसकी फ्लाईट समय से लेने के लिए उसे उठाने के लिए फोन किया तो वो उठ चुका था....छूटते ही बोला खाना क्या बना रही हो मम्मी मेरे लिए...मैंने कहा जो तुम कहो बेटा...बोला बहुत बढ़िया सा गोट मीट और पूड़ी, साथ में रायता और सलाद ज़रूर....वो भी आपका अपना स्टाइल वाला रायता जिसमें आप कुछ डालते हो.....रेड कलर के जो छोटे-छोटे दाने होते हैं.....जो मीठे होते हैं.....मेरा दिमाग तेजी से चल रहा था...ये किसकी बात कर रहा है .....मैंने पूछा क्या बेटा....अरे मम्मी जो सभी लोग कहते हैं कि आपका ये रेसेपी बहुत बढ़िया है....रेड कलर के छोटे-छोटे होते हैं उनमें बीज भी होता है.....तुम अनार की बात तो नहीं कर रहे हो......येस येस.....मम्मी thank god याद आगया नहीं तो पूरे फ्लाईट में मेरा दीमाग ख़राब रहता...... जाहिर सी बात है... ये इतना बड़ा डिमांड तो था नहीं कि पूरा नहीं होता....

मृगांक शेखर की उम्र १९ साल है और वो USA में मेडिकल स्टुडेंट है.....हमेशा हर चीज़ में अव्वल रहा है चाहे वो खेल का मैदान हो....debate , dramma drawing पेंटिंग , फिल्म making या फिर लीडरशिप ...उसके लिए सबकुछ आसन है.... कनाडियन गवर्मेंट से मेलेनिअम स्कॉलरशिप का भी रेसिपियंत है मृगांक...

जब वो आया तो देख कर हैरान हो गई ..... कितना बदल गया है....बॉडी-शोदी बना ली है ...तभी तो जब भी फोन करो ...फोन नहीं उठाता....बाद में वापिस फोन करके कहता ...जिम में था ...फोन जिम बैग में था.... पता नहीं सच या झूठ ...लेकिन बॉडी देख कर तो यही लगता है....उसके जिम कोच से भी बात हुई...कहने लगे ...कि आज से एक साल पहले जब मृगांक आया था मेरे पास तब वो इतना दुबला पतला था कि मुझे नहीं लगता था ये कुछ कर पायेगा.....लेकिन मैं हैरान हूँ खुद इसे देखकर ....मेरे पास जितने भी बच्चे आये हैं ....ये सबसे ज्यादा अनुशासन का जीवन जीता है....मतलब ये की जिम में भी अव्वल.....उसका बड़ा भाई मयंक जो सिर्फ एक साल बड़ा है उससे.....उसके सामने पिद्दी लगने लगा है....और नाराज़ भी है.....वो भी अब जिम ज्वाइन करने की सोच रहा है...मुझे यकीन है वो भी पहलवान बन ही जाएगा....हा हा हा ...

मृगांक अपने अंदाज़ में और अपने जोक्स कहता है...वो शब्दों के साथ खेल कर जोक्स करता है....उन जोक्स को मृगांक जोक्स कहा जाता है उसके जोक्स ओट्टावा के schools में मशहूर हैं और अब मेडिकल colleges में भी लोग उसके जोक्स को जानने लगे हैं......वो बहुत ही हंसमुख और मिलनसार लड़का है....उसकी बहुत इच्छा थी पोलिटिक्स में जाने की लोग उसे मज़ाक में कनाडा का भावी प्रधान मंत्री कहते भी हैं....अब वो बने कि न बने ईश्वर कि मर्ज़ी लेकिन ...उसने मेरी इच्छा का मान रखते हुए मेडिकल में जाना स्वीकार किया......और अब अच्छे नंबर ला रहा है....देखने में भी ठीक-ठाक है इसलिए, लडकियां भी मंडराती नज़र आतीं हैं इनदिनों .... अच्छी किताबें पढना..अच्छी फिल्म्स देखना....दुनिया की हर गतिविधि पर नज़र रखना ....जिम जाना बॉडी बनाना, खूब पढना, अच्छा खाना खाना और स्टाइल से रहना...यही शौक है उसके....बस एक बात में वो हम सबसे कम है....वो गाना उतना अच्छा नहीं गाता है....

अभी कुछ समय पहले की ही तो बात थी....सुबह उठते ही 'मम्मी गोदी' कहता हुआ हाथ फैला देता था.....और मैं गोद में उठा लेती थी...अब भी यही कहता है जब भी मैं उठाने जाती हूँ...फर्क सिर्फ इतना है,की अब वो मेरी गोद में कहाँ समाएगा भला ....

अब मेरे घर में लड़कियों के फ़ोन आने लगे हैं....hello...yes ,who is this ??? Julie ?? crystal ?? sandra ??? whom do you want to speak to??? Mrigank ??? ये सुनते ही ...दूर से ही नहीं नहीं बात करनी है ....करता हुआ जोर जोर से वो हाथ हिलाता है.....मुझे झूठ कहना पड़ता है...वो घर पर नहीं है.....मैंने पुछा भी अरे बात क्यूँ नहीं करते......कहने लगा मम्मी...नानी ने मना किया है...वही देखेगी मेरे लिए लड़की....बेकार में क्यूँ अपना टाइम वेस्ट करना.... अब जो भी चिट्ठियाँ आतीं हैं ऊपर डॉ. मृगांक देख कर बहुत ख़ुशी होती है..

अभी कुछ दिनों पहले कि बात है......मेरी गाडी हमारे ड्राइववे से चोरी हो गई....मुझे बस से आना-जाना करना पड़ा एक-दो दिन .....उस दिन भी मैं बस से आ रही थी ...मेरी सामने वाली सीट पर दो खूबसूरत गोरी लडकियां बैठी हुई बात कर रही थी.....'मृगांक' नाम सुनते ही मेरे कान खड़े हो गए.....वो रटती जा रहीं थी...he is so cool....he is so smart....अब मृगांक नाम इतनी आसानी से उबलब्ध हो नहीं सकता ओट्टावा में...वो भी मेरे ही घर के पास.....जब मैं उतरने लगी अपने घर के पास .....उनमें से एक लड़की को कहते सुना ....'You see ... that is his house ' और बस बात पक्की हो गयी कि ये अपने ही छोरे की बात कर रहीं थीं....मृगांक को कई गोरियों ने dateing के लिए आमंत्रित किया ...उसने हर किसी से यही कह दिया मेरी माँ से पूछो....अब लडकियां उसे 'मम्मी का pet ' कहने लगीं हैं...और उससे नाराज़ भी हैं....ये कैसा लड़का है हर काम अपनी माँ से पूछ कर करता है...??

इसबार हमलोग बहुत नर्वस थे.....वार्षिक परीक्षा का रिसल्ट आ गया है...मृगांक के क्लास में १२ स्टुडेंट्स थे और सिर्फ ४ ही पास कर पाए हैं....जो अगली कक्षा में जायेंगे ....बाकि ८ उसी क्लास को दोहराएंगे...मृगांक अपनी कक्षा में सेकेंड आया है ..उसे ९६% मिले हैं .....पहले स्थान पाने से सिर्फ १% पीछे रह गया...लेकिन मैं खुश हूँ... आप सबका आशीर्वाद चाहिए मृगांक को.....अभी उसे बहुत मेहनत करनी है...

(दोनों भाई...मृगांक और मयंक )