अवरुद्ध रुद्ध हुआ कंठ मेरा आपका जो प्यार देखा
झाँझ झंकृत हो गये जो हृदयंगम कोई तार देखा
प्रणय तूलिका भाव रचना स्नेह अपरम्पार देखा
सजल दृष्टि छलक छलकी प्रेम गौरव अपार देखा
प्राण-प्राण में है श्वास-सरगम जीवनाधार देखा
मोहपाश में विचर रहा मन नेह नेह निहार देखा
