
हमारी बिटिया रानी...
प्रज्ञा......शायद हमारे लिए कभी भी बड़ी नहीं होएगी
जैसे हम आज तक बड़े नहीं हो पाए हैं अपनी माँ के लिए...
पिछले साल हम दुर्गा पूजा में रांची में थे...मूर्ति देखने गए थे
माँ ने सारा समय मेरा हाथ पकड रखा.....उस दिन भी माँ की पकड़ सुरक्षा दे रही थी ......
कुछ ऑडियो files देख रहे थे, तो एक गाना मिला .....
सोचा सुना ही दूँ...
बजा बजाया है : संतोष शैल
गायिका : प्रज्ञा शैल (पाँच वर्ष की थी जब )
कुछ चुटकुले :