काव्य मंजूषा
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Wednesday, June 27, 2012
दूध के जले हुए हैं हम...हर दिल जो प्यार करेगा...'आवाज़ 'अदा' की...
दूध के जले हुए हैं हम,
अब छाँछ भी,
फूँक कर पीते हैं ।
अफ़सोस बस इतना है कि,
हम दूध से भी जल गए...!!!
और अब एक गीत ...हर दिल जो प्यार करेगा...'आवाज़ 'अदा' की...
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