Monday, July 21, 2014

'एकलखोड़ों' की ज़मात'.......

एकल = अकेला 
खोड़ = जिस ज़मीन पर कभी फ़सल नहीं लगाई गई हो 
कहीं एक शब्द पढ़ा 'एकलखोड़'.......इस बहुत ही हलके शब्द का प्रयोग, उनके लिए किया गया है, जो विवाह के बँधन में नहीं बँधे हैं, अर्थात जिनका अपना 'व्यक्तिगत परिवार' नहीं है 

'एकलखोड़ों' की जिस तरह फ़ज़ीहत करने की कोशिश की गई, हम भी सोचे कि 'एकलखोड़ों' पर हम भी रिसर्च कर ही लेवें
तो हाज़िर है कुछ भारतीय 'एकलखोड़ों' के नाम, जिनके होने से शायद कुछ लोग शर्मसार होंगे:( 
लेकिन हम नहीं हैं। हम तो सलाम करते हैं इनको।

१. अटल बिहारी बाजपेई 
२. अब्दुल क़लाम 
३. अन्ना हज़ारे 
४. बाबा राम देव 
५. संजीव कुमार 
६. करन जौहर 
७. उमा भारती 
८. जय ललिता 
९. लता मंगेशकर 
१०. रेखा 
११. सुरैया 
१२. राहुल गाँधी 
१३. राहुल बोस 
१४. रतन टाटा 
१५. सलमान ख़ान
१६. नरेन्द्र मोदी भी एकलखोड़ ही रहे 
१७. युवराज और कोहली भी अभी तक एकलखोड़ ही हैं आगे ख़ुदा ख़ैर करे :)
१८. मिलिंद सोमन 
१९. ममता बैनर्जी 
२०. मनीष मल्होत्रा 
२१. साध्वी प्रज्ञा 

एक 'एकलखोड़' ने तो ईश्वर को ही जन्म दे दिया, जिनको हम मदर मेरी (मरियम) के नाम से जानते हैं। 
और हिन्दू धर्म में भी कई 'एकलखोड़' हुए हैं, जिनमें सबसे अग्रणी हैं 'भीष्म पितामह:'

अब बात करते हैं दुनिया के कुछ नामचीन 'एकलखोड़ों' की। अगर ये 'एकलखोड़' नहीं होते तो हमारे पास बहुत कुछ नहीं होता। जैसे न्यूटन, जॉर्ज ईस्टमैन ( जिनके कैमरे से फोटो खींच-खींच कर सुबह-शाम लोग लगाते हैं और ख़ूब वाह-वाही लूटते हैं :), पास्कल, लियोनार्दो दा विन्ची इत्यादि। 

हर किसी को अपने जीवन के बारे में फैसला करने का अधिकार है, कौन कैसी ज़िन्दगी जीना चाहता है ये किसी भी व्यक्ति की निजी पसंद होनी चाहिए। 
इस तरह का असंवेदनशील व्यवहार किसी के साथ भी उचित नहीं है। ऐसा करना न सिर्फ़ ग़लत है, अमानवीय भी है। 

Famous bachelors from across the world have always inspired their buffs to staysingle. And indeed, sometime it feels that folks who write about fairytales of marital life don’t have any goddam clue about the actual mechanism of married life. With the spirit of helping out, TopYaps is listing ten most famous bachelors of the world who decided to skip the “I do” step.
10. George Eastman:
Even if you avoid the camera and photography thing; you’ve to go for it one day when your wife will snap some ‘angle best’ photos as a keepsake of your memorable honeymoon. But here’s a point to be noted that the man who is behind “locking” some of the best moments of your married life, never walked down the aisle throughout his life. Founder of the Eastman Kodak Company and the discoverer of roll film, George Eastman has had a great romance and a sensuous affair, but only with his camera.

9. James Buchanan:

James Buchanan was the 15th President of the United States, who lived and died abachelor. During the days of struggle, Buchanan was engaged to Ann Caroline Coleman, daughter of a wealthy businessman; but due to some unexplained reasons their engagement was called off. This incident was a terrible blow for the him, and it escalated to the uttermost altitude when Ann died soon after the separation.(img source:

8. Dr. A. P. J. Abdul Kalam:

Best known as the “Missile Man of India”, Dr. Kalam is an eminent nuclear scientist as well as a notable aerospace engineer who also served as the 11th President of India from July 25, 2002 to July 25, 2007. Widely admired for his foresightedness and shatterproof determination, Dr. Kalam’s affection for space science and the glowing fire on his wings of aspirations overstepped the desire of walking on the marital landscape.

7. Al Pacino:

“The Godfather” knows the “Scent of a Woman”, but he prefers the single status. However on “Any Given Sunday”, he has courted some of the knockout beauties of movie industry, but till the date, he is the longest serving bachelor of Hollywood. Our beloved Michael Corleone is screaming towards his mid seventies (currently sitting on the cliff of 72), but he still hopes to tie the knot. Tony, we’re waiting for the day when you’ll finally introduce us with our Godmother but will feel sorry to see you going out from this list.

6. Edward Heath:

Sir Edward Richard George “Ted” Heath was a notable politician of the Conservative Party and also served as the Prime Minister of the United Kingdom from 1970-1974. A buff of music in classic sense, Sir Heath was also known for having number of female friends. He had been expected to marry one of his childhood friends Kay Raven, but he preferred to not go to the Church to say “I do” in front of a holy man and remained a lifelong bachelor.
5. Isaac Newton:
The man, who revolutionized the entire world by his staggering discoveries and in-depth researches, is also known for being one of the most famous bachelors throughout the existence of human race. He stayed single during his life span of 83 years and amazingly repelled the love-bug from his very own dimension.
4. Voltaire:
In the list of famous bachelors of the world, Voltaire ranks fourth. Apart from being the great grandfather of satire, he is also highly regarded for his advocacy of freedom of expression and civil liberties. Voltaire’s life was full of series of intellectual mistresses but instead of tying the knot for at least once, he favoured and maintained the “being single” status forever.
3. Blaise Pascal:
The no. 3 famous bachelor of this list is a radical inventor without whom we can’t imagine the wholeness of mathematics and physics. Blaise Pascal was a computing genius who gave innumerable significant explanations in the field of science. During his short life span of 39 years, he opened the gateways of complex theories but kept closed the doors for the marriage thing.
2. Ludwig van Beethoven:
For music lovers, there will never be words to show affection and respect for Beethoven and his historic masterpieces. This German composer is a crucial figure in music world who contributed a lot for the Western art music. He marked his presence on the planet earth for 57 year with romantic attachment with number of interesting women. However, his companionships with ladies never blossomed and decided to remain single throughout his life.
1. Leonardo da Vinci:
Leonardo da Vinci—the most famous bachelor of the world, was a godsend soul with quenchless curiosity for almost everything in this world. Best known for being the most gifted person ever to have lived, Da Vinci’s private life was extremely secret and which has been a potent subject of analysis for historians. He died at the age of 67, finding happiness in a never-married life.


  1. बहुत सारी जानकारी मिली ,इतना सारा तो हमें भी पता नहीं था .सही है, जो अकेले रहते हैं, वे न तो दया के पात्र है न ईर्ष्या के और न ही धिक्कार के . अपनी मर्जी से अपना जीवन बिताने की स्वतंत्रता सबको होनी चाहिए .और उसे सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए .

    1. अरे रश्मि !
      ये तो टिप ऑफ़ दी आईसबर्ग भी नहीं है । मैं ने अपने आस-पास ही कितने ही 'एकलखोड़' देख लिए हैं जिन्होंने अपना सर्वस्व निछावर कर दिया दूसरों के लिए । मेरी अपनी सहेली उर्सुला एक नंबर की 'एकलखोड़' है जिसने अपने सारे भतीजे-भतीजियों को पढ़ाया-लिखाया, शादियाँ की । यहाँ तक कि मेरे माँ-बाप की भी देख भाल वही करती थी/है जब मैं कैनेडा में होती हूँ ।
      अपने द्वारा लगाए गये पौधों में रोज़ पानी देना कौन सी बड़ी बात है, जब आपने लगाया है पौधा तो आपकी ही जिम्मेदारी बनती है देख-भाल की, इसके लिए कौन आपको रोज़-रोज़ तमगा देगा ? तारीफ तो तब है जब दूसरों के उजड़े चमन के लिए वक़्त निकाला जाए :)

  2. अकेला रहना आसान नहीं इसलिए यह फ़ज़ीहत की बात भी नहीं। आपने इतने सारे अति सम्मानित लोगों की लिस्ट दे कर यह साबित कर दिया। बड़ा अच्छा किया। I liked it.:)

    1. परमेश्वरी जी,
      सही कहा आपने।
      अकेला रहना किसी व्यक्ति विशेष की अपनी पसंद हो सकती है या मजबूरी हो सकती है, लेकिन इस बात पर किसी का अपमान करना मजबूरी नहीं हो सकती।
      आपका हृदय से आभार !

    2. मान अपमान दोनों ओर से समान रूप से निभता है . अपने लिए सम्मान की इच्छा रखने वालों को दूसरों का सम्मान भी करना पड़ता है . जो व्यवहार आप अपने लिए पसंद नहीं करते , उसे दूसरों के साथ कैसे कर सकते हैं !

    3. मतलब आँख के बदले आँख.…

  3. आपका आभार शास्त्री जी !

  4. :) सुंदर ।
    और जो एक से ज्यादा विवाह करते हैं उनके लिये भी है कहीं कोई शब्द इसी तरह का ?

    1. हिन्दू धर्म और हिन्दुस्तान के क़ानून में हमेशा एक विवाह की अवधारणा को ही मान्यता दी गई है फिर भी बहुपत्नी विवाह होते ही रहते हैं।

      अब ऐसे लोगों का क्या नाम होता है मालूम नहीं लेकिन 'मल्टीबीबीकेनियर' कह सकते हैं
      इसके लिए कई लोगों को इस्लाम की शरण में जाते देखा है

  5. कुछ ऐसे भी है जो विवाह तो कर लेते हैं फिर छोड़कर कुंवारे के दल में शामिल हो जाते हैं ,उनको क्या कहेंगे ?
    कर्मफल |
    अनुभूति : वाह !क्या विचार है !

    1. कालीपद जी,
      कुछ लोग बी. ए. (बैचलर ऑफ़ आर्ट्स) होते हैं तो कुछ लोग बी. ए. (बैचलर अगेन ) होते हैं।

  6. एकलखोडे राजस्थान में उनको कहते हैं जो अकेले रहना पसंद करते हैं , उनका विवाहित या अविवाहित होने से कोई मतलब नहीं होता है . ऐसे लोग परिवार बसा भी लेते हैं तो खुद "एकलखोडे" होने के कारण सबको दुखी करते हैं .
    अविवाहितों की यह सूची किसी से छिपी नहीं है , सब जानते है इनके बारे में . इनकी योग्यता पर शक किसी को भी नहीं है इतना तो निश्चित ही है कि इस सूची में शामिल अविवाहित इंसानों का भी उतना ही आदर /स्नेह /मदद करते हैं जितनी की जानवरों की , मगर कहते शायद ही हों . मगर एक एकलखोडे ऐसे होते हैं जिनके बारे में आपबिना शक उनके हृदयहीन होने की पुष्टि कर सकते हैं , उन्हें कुत्ते बिल्लियों की गन्दगी साफ़ करना उतना नागवार नहीं लगता जितना घर के छोटे बच्चों अथवा परिवार के अन्य सदस्यों से सामंजस्य रखना लगता है , और ऐसे लोग विवाहित या अविवाहित भी होते हैं .

    1. जो कुत्ते-बिल्लियों तक से प्रेम करते हैं वो निश्चित तौर पर हृदयहीन नहीं होंगे ।

      जो इंसान जैसा है वैसा क्यों है इसके पीछे बहुत सारी वजहें होतीं हैं ।

      इंसानों से सामंजस्य नहीं रख पाने के कई कारण हो सकते हैं, हो सकता है उन्हें इंसानी रिश्तों से निराशा ही हाथ लगी हो । जानवर द्वेष, विश्वासघात या दुर्भावना रहित होते हैं, न आप उनसे कोई अपेक्षा करते हैं न वो आपसे अपेक्षा करते हैं । इसलिए कुछ लोग जानवरों के आस-पास ज्यादा सहज महसूस करते हैं ।

      मैं इंसानों की गन्दगी साफ़ कर सकती हूँ लेकिन कुत्ते-बिल्लियों की नहीं तो क्या मैं हृदयहीन हूँ ??

  7. यह शब्द पहली बार हाल ही में सुना. पहले अपनी एक राजस्थानी सहेली से एकलखोर शब्द सुना था. या फिर हो सकता है उसने एकलखोड शब्द कहा हो और मैंने गलत सुना.
    यह शब्द काफ़ी कचोटने वाला है. पता नहीं हमारे शब्दकोष में मं दुखाने वाले शब्द हैं ही क्यों. हैं तो हम उनका उपयोग क्यों करते हैं?
    खैर, आपका लेख पढ़ खुशी हुई कि आप व्यक्ति के अपने जीवन जीने की शैली के चयन का आदर करती हैं.

    1. अपनी शर्तों पर अपना जीवन जीने वाले मुझे हमेशा पसंद आते हैं
      हमने 'संस्कार' और 'संस्कृति' के दो खाँचे बना रखे हैं.। जिनसे भी हम दो-चार होते हैं, उस हरएक शख़्स को मन ही मन हम उन खाँचो में उतारते हैं, उनसे उम्मीद करते हैं कि वो इन खाँचों में फ़िट हो जाए.… फिर हम घर बैठे-बैठे उस व्यक्ति के व्यक्तिव का निष्कर्ष निकाल कर उसके लिए अपना फ़ैसला भी सुना देते हैं.… बड़ा ही फ़ॉर्मूला बेस्ड समाज है हमारा, फ़ॉर्मूला बेस्ड सोच है हमारी, जो इन खाँचों में 'फ़िट' नहीं वो 'हिट' नहीं। हम ये सोचने में अपना वक्त जाया नहीं करते कि ये इंसान ऐसा हैं तो आख़िर ऐसा क्यों है ! जबकि हरएक ज़िन्दगी बहुत जटिल है.। बस उसे आउट कास्ट करके, उसे एक अलग सा चुभाऊ नाम दे दिया जाता है.।

      रही डिक्शनरी की बात तो अब इसमें डिक्शनरी का क्या दोष, उसका दिल तो विशाल है, जिसने अच्छे-बुरे सभी शब्दों को स्थान दिया हुआ है, उसके लिए तो न काहू से प्रीत न काहू से बैर वाली बात है.। ये तो लिखनेवालों के विवेक की बात होती है.।

      आप आईं आपका दिल से शुक्रिया !

  8. बहुत सारी जानकारी मिली

  9. Replies
    1. स्वागत के साथ शुक्रिया स्मिता !