Friday, March 15, 2013

ब्लॉगर चिंतन इति..............:)


ब्लॉगर हौं तो बस एही बतावन, बसौं कोई गुट के छाँव मझारन 

नाहीं तो पसु बनिके फिरोगे, आउर खाओगे नित रोज लताड़न  

पाहन बनौ चाहे गिरि बनौ, नाही धरोगे धैर्य, कठिन है ई धारण

फिन खग बनि इक पोस्ट लिखोगे, औ करोगे अभासीजगत से सिधारन 


(महाकवि रसखान से प्रेरित प्रस्तुति ):)


और अब एक गीत....ठीक ही है...चलेबुल है ...भरी दुनिया में आखिर दिल को समझाने कहाँ जाएँ ..आवाज़ 'अदा' की :) किलिकियाइये और सुनिये...






41 comments:

  1. गाना सुनकर बहुत अच्छा लगा।

    ReplyDelete
    Replies
    1. अच्छा लगा तभे तो गाये हैं :)

      Delete
    2. आज फ़िर से सुने। आनन्दित हुये!

      Delete
    3. ई तो हमरी खुशकिस्मती है :)

      Delete
    4. I heard this song....bhair duniya......I must admit this lady
      " ada" or " Swapna Menjusha " has a good voice... quite pleasant, quite soothing, quite seductive as well !
      who is this mysterious lady and does she have more songs that I can listen to ?
      pls reply and oblige
      thanks for this treat

      Delete
    5. jshah50365@aol.comMarch 30, 2013 at 10:00 AM

      I heard this song " Bhari duniya " once more, quite delightful .. different intonation than the original song but carried out so sweetly... very melodious voice.. Has this lady Swapna Menjusha sung some more songs ? pray do tell
      thanks

      Delete
    6. Hello Mr Shah,

      Thanks for your encouragement. I have sung quite o few songs. Please find some of the links.

      With best regards,


      http://swapnamanjusha.blogspot.ca/2012/05/blog-post_05.html

      http://swapnamanjusha.blogspot.ca/2011/06/blog-post_14.html

      http://swapnamanjusha.blogspot.ca/2010/06/blog-post_1090.html

      http://swapnamanjusha.blogspot.ca/2010/06/blog-post_9124.html

      http://swapnamanjusha.blogspot.ca/2010/12/blog-post.html

      Delete
  2. होली प्रसंग समाप्त ?

    ReplyDelete
    Replies
    1. न न ...अभी दिल थाम के बैठिये, हमले की तैयारी हो रही है :)

      Delete
  3. प्रेम से धमकियाना इसीको कहते हैं शायद :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. ऐसे तो धमकी काम नहीं करती, प्रेम वाली शायद काम कर जाए :)

      Delete
  4. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 16/03/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    ReplyDelete
  5. हमें भी कोई ठिकाना बता दीजिये..छाँव का..हम भी सुरक्षित हो जायें..

    ReplyDelete
    Replies
    1. हई देखो ! घर के मालिक लोग पूछ रहे हैं, कोई कमरा खाली हो तो बताओ :)
      का ज़माना आ गया है :)

      Delete
  6. इसलिए शम्मा पर पहरे,जमाने की निगाहों के
    जिन्हेँ जलने की हसरत है वो परवाने तो बच जाएँ!!

    नज़र में उलझने दिल में, है आलम बेकरारी का
    न कोई साथ देता हो तो,चल अकेले निकल जाएँ!!

    भरी दुनिया.....

    ReplyDelete
    Replies
    1. वोई तो !
      अकेले अकेले चले जा रहे हैं
      जो साथ थे कभी वो भी कतरा रहे हैं :)

      Delete
    2. समूह धर्म ना निभा,
      न कृतज्ञता पसार की,
      बनके हम बडे बडे,
      राह में अडे अडे,
      कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे!

      Delete
    3. समूह 'एक विचार' है
      कहीं विचार का समूह है
      न हम बड़े न तुम बड़े
      समूह सब खड़े खड़े
      विचार देखते रहे
      कारवाँ गुजर गया
      ग़ुबार देखते रहे

      Delete
    4. समूह'धर्म' मिलाप है
      मनमर्जी ही प्रलाप है
      जो ऐसे हम बिखर पडे
      देखेंगे बस खड़े खड़े
      साँप तो गुज़र गया, लक़ीर पीटते रहे!
      कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे!

      Delete
    5. अपनी अपनी सोच है
      अपने ही विचार हैं
      एक हम अलग सही
      संग तेरे हज़ार हैं
      हम तो ऐसे ही भईया
      बचपन से हुए बड़े
      अब बुढौती में काहे को
      इस सोच विचार में पड़े
      लकीर को साँप समझ
      लोग पीटते रहे
      कारवाँ गुजर गया
      ग़ुबार देखते रहे

      Delete
    6. विचार की बात ओर है
      पर शिक्षा का न छोर है
      सोच में निकले छेद है
      बस दृष्टि का यह भेद है
      चिंतन ही उपाय है
      जो सबके मन भाय है
      सम्वाद यूँ करे करे,
      आश यूँ धरे धरे,
      कारवाँ……… गुज़र…… गया……, गुबार… देखते… रहे…!

      Delete
    7. We're All Different - Just ACCEPT It!

      हम सब अलग अलग हैं - बस यह स्वीकार करते हैं!

      :)

      Delete
  7. बसोगे फिर बैस्वारी मझारन :-)

    ReplyDelete
    Replies
    1. वो ज़माना और था जब, शिष्य गुरु की कुटिया में आते,
      आज के गुरु ऐसे धुरफंदर, खुद चेलों की कुटिया में शीश नंवातें :):)

      Delete
  8. झूम उठे ये ज्ञान भरी पंक्तियाँ पढ़कर .... :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. हमहूँ झूम उठे आपकी टिप्पणी पा के :)

      Delete
  9. प्रोफ़ाईल स्टेटस - एकला चोलो रे ...

    ब्लॉगपोस्ट स्टेटस - गुट में चोलो....

    चिंतनीय चिंतन :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. चिंतित चिन्तक जी !
      एकला चोलो रे - प्रोफ़ाईल स्टेटस
      गुट में चोलो रे - ब्लॉगवर्ल्ड स्टेटस :):)

      Delete
  10. http://zaruratakaltara.blogspot.in/2013/03/blog-post_15.html
    सदैव की भांति मधुर स्वर और सुन्दर गीत चुने हुए शब्द और खुबसूरत निर्वहन सुप्रभात।
    मर्यादा पुरुषोत्तम राम आपके लिए लिखी है बहन अनुमति दे तो भाई नाम लिखे समर्पण नहीं
    पोस्ट को लिखने की प्रेरणा मिली .लिंक डालना आता नहीं फिर भी प्रयास किया है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. पढ़ लिया भईया, सुन्दर लिखा है आपने।
      आपका आभार !

      Delete
  11. बहुत ही अर्थपूर्ण प्रस्तुति.

    ReplyDelete
    Replies
    1. देखिये अब इसे अर्थपूर्ण माना जाता है या अनर्थपूर्ण, कौन जाने !

      Delete
  12. बहुत बढ़िया
    सुन्दर :)

    ReplyDelete
  13. अहा ,गाने ने तो मूड फ्रेश फ्रेश कर दिया :)

    ReplyDelete
    Replies
    1. तू तो ऐसे फ्रेश फ्रेश कर रही है जैसे रिलायेंस फ्रेश से होकर आई है :)

      Delete
  14. you sang really melodiously ...and your Holi ki yaadein on Rashmi ji's Blog made me SMILE :-)

    Happy Holi & wish to read more from you & hear more Lovely songs sung with so much feelings

    God bless !! Jeete Raho ...Khush Raho !! Shabaash !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. लावण्या दीदी,
      प्रणाम,
      आपका आशीर्वाद मिलना मेरे लिए कितना मायने रखता है, शायद शब्दों से मैं कभी भी बता नहीं पाऊँगी। आपका आशीर्वाद मिला मैं कृतार्थ हुई।
      आपके लिए और आपके सभी प्रियजनों के लिए होली का यह पावन पर्व मंगलमय हो !

      Delete