देर हुई है, परन्तु मेरे पाठकों के अनुरोध पर, कोमेंट ऑप्शन खोल दिया है ...
कुछ समय पहले 'वाल्मीकि रामायण' और उसका अनुवाद पढ़ा था, 'वाल्मीकि रामायण' को आदि-पुस्तक कहा जाता है, और 'राम चरित मानस' उसी पुस्तक पर आधारित आधुनिक-पुस्तक।
वाल्मीकि रामायण के कुछ अंश यहाँ डाल रही हूँ, आप भी पढ़ें ...
ये वाल्मीकि रामायण का हिंदी अनुवादित रूप का, एक हिस्सा है। वर्ष १९२७ में यह अनुवाद 'चतुर्वेदी द्वारकाप्रसाद शर्मा' द्वारा किया गया ...प्रकाशक हैं, रामनारायण लाल, पब्लिशर एंड बुकसेलर, इलाहाबाद।
राम मेरे कितने हैं, ये मेरा और मेरे राम के बीच का मामला है लेकिन सीता मेरी थीं, हैं और हमेशा रहेंगी।
बाकी आप लोग शुरू हो जाइये, हम बैठे हैं, हमला झेलने के लिए :):)

















