वड्डे ब्लोगरस को देखा तो ऐसा लगा
कोई, सूखा गुलाब,
कोई, फटी हुई जुराब,
कोई, गैंडे की खाल,
कोई, म्युनिसिपल कूड़ादान,
कोई, गीत की दूकान ,
कोई, वाह वाह का मर्तबान,
कोई, फिसड्डी पहलवान,
कोई, संस्कार की मैयत उठाता हुआ, हो !
हम कई छोटे ब्लोगरों ने अपनी तरफ से सबसे अनुरोध किया था http://blogkikhabren.blogspot.ca का विरोध करने के लिए, जहाँ गलत तरीके से महिलाओं की तस्वीर लगाई जाती है, इन महिलाओं का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ा गया है, लेकिन एक भी कमेन्ट किसी भी ब्लॉग पर या कहीं इस बात पर चर्चा नहीं हुई, इन महान ब्लोग्गरों द्वारा, कि हाँ ये गलत हो रहा है, और इसकी भर्त्सना होनी ही चाहिए, कम्प्लेन होना ही चाहिए । एक भी 'तथा कथित', आंग्ल भाषा में 'SO CALLED' बड़े ब्लोग्गर नहीं आये, इस बात के लिए सहयोग देने, या इतना भी कहने, हम आपके साथ हैं । जगह जगह अपने गीत-गोविन्द का राग अलापने का, अपनी बडाई करने का, वाह वाह करने का, वाह-वाह लेने का, समय है लोगों के पास, लेकिन इस काम के लिए वक्त नहीं है। बहुत बड़े ब्लोगार बनते हैं सब, अजी काहे के बड़े ब्लोग्गर ???? धन्य हैं आप और आपकी बड़ी ब्लोगरी ।
हाँ नहीं तो...!