रिश्वत देकर पेंशन लाते बुज़ुर्ग,
दहेज़ देकर बेटी की शादी
निपटा कर आता प्रौढ़,
और
इंटरव्यू देकर आता
बेरोज़गार नौजवान,
व्यवस्था पर टिप्पणी
करते हैं...
बुज़ुर्ग ने कहा,
कितने बुरे दिन आ गए हैं,
रिश्वत लेने वाले कितने
बेशर्म हो गए हैं,
प्रौढ़ ने अपनी बात रखी,
रिश्वत लेने वाले
दूसरों से ईमानदार हैं,
रिश्वत लेते तो हैं,
मगर कम से कम
काम तो करते हैं,
काम तो करते हैं,
नौजवान की सोच थी,
बहुत ग़लत बात है,
बहुत ही ग़लत काम है,
ग़लत रास्ता है,
जिसमें चलकर
सही लोग
तंग हो जाते हैं....
