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Friday, April 9, 2010

क्षणिकाएं...


एक्सपोर्ट ..
उसके खेतों में उपजे
चावल
अमेरिका एक्सपोर्ट हो गए
और उसके बच्चे आज
बिन खाए ही सो गए


रोटी...
मालकिन ने उसे आज
रोटी नहीं दी थी 
क्योंकि उसने 
कुत्ते की प्लेट में पड़ा
बिस्कुट उठा लिया था


चश्मा ...
वो खुश था
उसकी बनाई साड़ी
दो लाख में बिक गयी
पर दो सौ की ऐनक
वो खरीद नहीं पाया



आज काफी दिनों बाद मयंक की चित्रकारी डाल रही हूँ....
आपको ज़रूर पसंद आएगी...