'समीर लाल उड़नतश्तरी वाले' लेख पढ़ कर उनके नाम की विवेचना करते करते, मुझे एक कहावत ही कहते है शायद याद आ गयी :
'नीम हकीम ख़तरा-ऐ-जान' बचपन से इसका मतलब यही जाना की जिसे आधा ज्ञान हो उससे खतरा होता है, अंतरजाल की ख़ाक छान ली कहीं मिला:
नीम हकीम खतरा जान (A little knowledge is a dangerous thing.)
कहीं मिला :
Neem Hakeem = Means = A physician lacking in full knowledge of his profession OR A half baked physician . Khatra - e - Jaan = Means = Danger ...
लेकिन हर बार मुझे लगा कही कुछ ठीक नहीं है, कहीं हम उस बेचारे हाकिम के साथ तो ज्यादती नहीं कर रहे, काफी जद्दो-जहद के बाद मुझे इसका असली मतलब समझ में आया है,
वैसे मुझे सबने कहा आप ऐसे ताबड़-तोड़ पोस्टिंग करती हैं.......अच्छा नहीं लगता है......हमें कमेन्ट करने के भी तो सोचना पड़ता है......हुम्म्म्म्म...सॉरी...माफ़ी...बस last chance दे दीजिये please अब ऐसी गलती नहीं करुँगी.... इसके बाद की पोस्टिंग कल ही करुँगी...... हे हे हे ही ही ही ही.... नहीं करुँगी
खैर, तो मैंने जो 'नीम हकीम ख़तरा-ऐ-जान' का सही अर्थ समझा है, सोचा आपलोगों को भी बता ही दूँ, क्योंकि आइन्दा आप भी तो यही इस्तेमाल करेंगे....और मेरे हिसाब से यही इसका असली अर्थ भी है,
वो है:
वो हकीम जो नीम के पेड़ के नीचे सो रहा है, उसकी जान को खतरा है.......
अब आप सब बताइए यही सही अर्थ है या नहीं ??????
और यह अर्थ मैं समीर जी और विवेक जी को समवेत समर्पित करती हूँ, अग्रिम गुरु दक्षिणा के रूप में .....
'अदा'